पैरा ओलंपिक क्वालीफाई कर लौटे चिराग त्यागी की साईं उपवन में गोली मारकर हत्या, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की रंजिश में साथी खिलाड़ी ने की वारदात।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद अंतर्गत कविनगर थाना क्षेत्र के साईं उपवन परिसर में हुई अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या के मामले का स्थानीय पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सनसनीखेज अनावरण कर दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के तहत सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मृतक खिलाड़ी के ही एक पूर्व साथी और पैरा एथलीट यश खटीक को हिरासत में लिया गया है। गहन पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने खेल करियर को बर्बाद किए जाने का प्रतिशोध लेने के उद्देश्य से इस जघन्य हत्याकांड की पूरी साजिश रची थी और उसे अंजाम दिया।

मूल रूप से मुरादनगर के बसंतपुर सैथली गांव के निवासी 24 वर्षीय चिराग त्यागी 100 और 400 मीटर दौड़ स्पर्धा के एक प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय दृष्टिबाधित (ब्लाइंड कैटेगरी) खिलाड़ी थे। वह इस घटना से ठीक एक दिन पहले बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया में पैरा ओलंपिक खेलों के लिए आधिकारिक रूप से क्वालीफाई कर वापस दिल्ली लौटे थे। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग आठ बजे चिराग ने अपने घर पर फोन कर एक निजी कैब के माध्यम से गांव आने की सूचना दी थी, परंतु इसके बाद उनका संपर्क अचानक टूट गया और वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। दोपहर बाद पुलिस को साईं उपवन के सुनसान इलाके में एक अज्ञात युवक का शव पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई, जिसकी शिनाख्त बाद में चिराग त्यागी के रूप में की गई। उनके शरीर पर, विशेषकर पीठ के हिस्से में, नजदीक से दागी गई गोली का गहरा निशान पाया गया था।

वारदात के प्रारंभिक चरण में घटनास्थल से चिराग का कीमती मोबाइल फोन, उनका व्यक्तिगत पर्स और यात्रा का मुख्य बैग गायब पाया गया था, जिसके कारण पुलिस प्रशासन को शुरुआती तौर पर यह मामला लूटपाट के दौरान की गई हत्या का प्रतीत हो रहा था। पुलिस की जांच टीमों ने कड़ियों को जोड़ते हुए प्रारंभ में मृतक की एक महिला मित्र को भी पूछताछ के दायरे में शामिल किया था। हालांकि, जब जांच अधिकारियों ने साईं उपवन और उसके आसपास के संपर्क मार्गों पर स्थापित विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल फुटेज को खंगाला, तो उसमें एक अन्य पैरा खिलाड़ी यश खटीक की संदिग्ध गतिविधियों और उसकी उपस्थिति का स्पष्ट सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो उसने ईर्ष्या और प्रतिशोध की पूरी दास्तां बयां कर दी।

पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी यश खटीक और मृतक चिराग त्यागी दोनों ही एथलेटिक्स के 'ब्लाइंड कैटेगरी' वर्ग के तहत धावक थे और लंबे समय तक दोनों ने एक साथ अभ्यास भी किया था। कुछ समय पूर्व एक प्रतियोगिता के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन (डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें चिराग त्यागी ने खेल महासंघ के समक्ष यश खटीक के प्रमाणपत्रों को लेकर एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी थी। इस शिकायत की जांच के बाद खेल प्राधिकारियों ने यश का आधिकारिक क्वालिफिकेशन निरस्त कर दिया था, जिससे उसका खेल करियर पूरी तरह समाप्त हो गया। इसी बात से आक्रोशित होकर यश लगातार चिराग से बदला लेने का अवसर तलाश रहा था।

गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (सिटी/ट्रांस हिंडन) धवल जायसवाल ने इस घटना के संबंध में आधिकारिक विधिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी यश खटीक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें वारदात में प्रयुक्त अवैध पिस्तौल, मृतक के लूटे गए मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन इस बिंदु पर भी सघन तकनीकी जांच कर रहा है कि क्या इस हत्याकांड को अंजाम देने में किसी बाहरी व्यक्ति या अन्य सह-आरोपी ने यश की मदद की थी। परिजनों द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story