मुंबई के घाटकोपर इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। नित्यानंद नगर में दो मासूम बच्चियों, जिनकी उम्र महज 5 और 6 वर्ष है, के साथ यौन उत्पीड़न की वारदात ने न केवल स्थानीय निवासियों में आक्रोश की लहर पैदा कर दी, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी भूचाल ला दिया। यह कुकृत्य शनिवार, 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे घाटकोपर पश्चिम के नित्यानंद नगर में घटित हुआ, जहां आरोपी फिरोज शेख उर्फ सन्नी ने बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया और उनके साथ घिनौनी हरकतें कीं।

घटना की सूचना फैलते ही इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया। शनिवार रात करीब 10:00 बजे 30-40 लोगों की उग्र भीड़ ने आरोपी के छिपे होने वाले घर को घेर लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन स्थिति हिंसक हो गई। पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस मामले को लेकर चिराग नगर पुलिस स्टेशन के बाहर 'सत्याग्रह' शुरू कर दिया।


उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी फिरोज शेख को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमैया के अनुसार, पीड़ित परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया गया है, क्योंकि उन पर पुलिस पर हमले का आरोप लगाया गया। पीड़ित मां, जो हिंदी भाषी हैं, को मराठी में गलत बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनके रिश्तेदारों पर झूठा केस दर्ज हो गया।

घाटकोपर पुलिस स्टेशन के बाहर करीब 100 महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने धरना प्रदर्शन किया, जिसमें भाजपा नेता किरीट सोमैया भी शामिल हुए। भारी विरोध के बाद मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। मुख्य आरोपी फिरोज शेख के खिलाफ आईपीसी और पीओसीएसओ एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।



किरीट सोमैया ने 27 अप्रैल 2026 की आधी रात के बाद करीब 3:00 बजे अपना 12-14 घंटे लंबा 'ठिय्या आंदोलन' वापस ले लिया, जब प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए ज्वाइंट कमिश्नर लक्ष्मी गौतम को नियुक्त किया है, जो यह तथ्य जांचेंगी कि क्या चिराग नगर पुलिस स्टेशन ने पीड़ित परिवार के साथ गलत व्यवहार किया या उन पर गलत तरीके से केस दर्ज किया। यह घटना न केवल कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। घाटकोपर की सड़कों पर गूंजा आक्रोश अब न्याय की मांग में बदल चुका है, और जांच के नतीजे पूरे राज्य की नजरों पर टिके हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story