पालघर जिले के वसई से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और खेल जगत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। यहां एक 36 वर्षीय निजी फुटबॉल कोच को अपनी ही एक नाबालिग खिलाड़ी के साथ पिछले तीन सालों से लगातार यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मानिकपुर पुलिस ने इस घिनौने कृत्य के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय इलाके को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि उन माता-पिता की चिंता भी बढ़ा दी है जो अपने बच्चों को बड़े सपनों के साथ खेल अकादमियों में भेजते हैं।

इस पूरी दर्दनाक दास्तान की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब फुटबॉल के खेल में अपना भविष्य तलाश रही एक 17 वर्षीय उभरती हुई खिलाड़ी ने वसई स्थित एक निजी फुटबॉल अकादमी में दाखिला लिया था। मैदान पर पसीना बहाकर देश और राज्य का नाम रोशन करने का सपना देखने वाली इस नाबालिग लड़की को क्या पता था कि उसका ट्रेनर ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुःस्वप्न बन जाएगा।

आरोपी कोच, जिसकी पहचान अभिजीत मंडल के रूप में हुई है, ने पहले तो लड़की के खेल के प्रति समर्पण को देखा और फिर उसका विश्वास जीतना शुरू किया। उसने पीड़िता को फुटबॉल की दुनिया में बड़े अवसर दिलाने, शीर्ष स्तरीय लीगों में प्रवेश कराने और मुख्य टूर्नामेंटों में चयन का लालच देकर अपने प्रभाव में ले लिया। जब मासूम खिलाड़ी पूरी तरह उसके झांसे में आ गई, तो आरोपी ने उसके इस भरोसे का फायदा उठाकर उसका शारीरिक शोषण करना शुरू कर दिया।

यह भयावह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि समय के साथ और अधिक क्रूर होता गया। आरोपी अभिजीत मंडल ने दुष्कर्म के दौरान पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और अश्लील वीडियो भी गुपचुप और जबरन रिकॉर्ड कर लिए। बीते तीन सालों के दौरान जब भी पीड़िता ने इस दलदल से निकलने, ट्रेनिंग छोड़ने और कोच से दूरी बनाने की कोशिश की, आरोपी ने अपने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।

उसने उन अश्लील वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी देकर उसे ब्लैक मेल करना शुरू कर दिया। इस डिजिटल ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसकर पीड़िता लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलती रही। आखिरकार, इस निरंतर मानसिक उत्पीड़न और भारी तनाव से तंग आकर पीड़िता का सब्र टूट गया और उसने रोते हुए अपने परिजनों को इस पूरी आपबीती की जानकारी दी।

बेटी की दर्दनाक दास्तान सुनकर पैरों तले जमीन खिसकने के बाद परिजनों ने बिना वक्त गंवाए सीधे मानिकपुर पुलिस स्टेशन का रुख किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। चूंकि मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़ा था, इसलिए मानिकपुर पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए प्रारंभिक जांच के तुरंत बाद 13 जून 2026 को आरोपी अभिजीत मंडल को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की कड़े प्रावधानों के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, पीड़िता की मर्जी के बिना उसकी अश्लील सामग्री रखने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

फिलहाल अदालत ने आरोपी अभिजीत मंडल को पुलिस हिरासत में भेज दिया है और मामले की गहन तफ्तीश जारी है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खंगाल रही है ताकि ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किए गए डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से जब्त किया जा सके। इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या इस फुटबॉल अकादमी में ट्रेनिंग लेने वाली कोई अन्य लड़की भी इस दरिंदे का शिकार बनी है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पीड़िता की निजता की रक्षा के लिए उन सभी आपत्तिजनक फाइलों को हमेशा के लिए नष्ट करना और आरोपी को कानून के कटघरे में खड़ा कर सख्त से सख्त सजा दिलाना है ताकि भविष्य में कोई और खेल गुरु अपने अधिकारों का ऐसा दुरुपयोग न कर सके।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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