FASTag और Amazon गिफ्ट कार्ड फ्रॉड का पर्दाफाश ; दिल्ली में पकड़ा गया अनोखा फ्रॉड नेटवर्क
दिल्ली पुलिस ने FASTag‑और‑Amazon गिफ्ट कार्ड साइबर फ्रॉड नेटवर्क पकड़ा; आरोपियों ने stolen पैसे FASTag वॉलेट से निकालकर गिफ्ट कार्ड्स में बदले, एक पीड़ित से ₹1 लाख से अधिक की ठगी।

गिफ्ट कार्ड फ्रॉड
क्या हुआ? FASTag–Amazon कार्ड साइबर फ्रॉड गिरोह पकड़ा गया
घटना के प्रमुख तथ्य:
अंतरराज्यीय गिरोह मुख्यतः राजस्थान से संचालित था।
- FASTag पेमेंट वॉलेट्स और Amazon गिफ्ट कार्ड्स का संयोजन कर पैसों की चोरी और laundering की गई।
- कम ट्रेस और भारी निकासी के लिए फंड्स को गिफ्ट कार्ड्स में बदला गया।
- कम से कम एक दिल्ली निवासी पीड़ित ₹1 लाख से अधिक का शिकार हुआ।
- तकनीकी जांच में मैलिशियस ऐप और डिजिटल ट्रांजैक्शन चैनलों की पहचान हुई।
आरोपी और गिरफ्तारी:
पुलिस ने शुरुआती तौर पर दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है:
- नाम: (अभ्यर्थियों का नाम जारी नहीं)
- उम्र: 25–35 वर्ष
- निवास: राजस्थान
जांच व पुलिस कार्रवाई:
मामला FASTag‑और‑साइबर फ्रॉड के तहत दर्ज किया गया है। अब तक की मुख्य कार्रवाइयाँ:
- आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए
- FASTag वॉलेट ट्रांजैक्शन लॉग का forensic विश्लेषण
- मैलिशियस ऐप वितरण चैनल की पहचान
- पीड़ितों से विस्तृत पूछताछ
तकनीकी ऐंगल — क्यों यह ख़ास है?
घटना का तकनीकी आधार:
- FASTag वॉलेट्स को हैक कर पैसा चुराना
- गिफ्ट कार्ड तकनीक से ट्रेसबिलिटी कम करना
- मैलिशियस ऐप के ज़रिये फ़ोन कंप्रोमाइज़ करना
पहले की शिकायतें:
- FASTag के नाम पर स्कैम कॉल/मैसेज
- नकली e-challan/notification के जरिए फ्रॉड
- ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड एक्सचेंज के जाल
कानूनी पहलू:
मामला दर्ज: धारा संबंधित साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी
आगे की प्रक्रिया:
- FASTag ट्रांजैक्शन लॉग का forensic विश्लेषण
- Amazon गिफ्ट कार्ड रिडेम्प्शन चैनल की जांच
- और गिरफ्तारियाँ संभव
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- फ्रॉड: FASTag + Amazon गिफ्ट कार्ड
- गिरोह: अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट
- गिरफ्तारी: 2 आरोपी (राजस्थान)
- पीड़ित: Delhi में एक शख़्स से ₹1 लाख से अधिक धोखाधड़ी
- जांच: मोबाइल, FASTag लॉग, गिफ्ट कार्ड चैनल
अपडेट:
जैसे ही:
- और गिरफ्तारियाँ
- साइबर सेल की विस्तृत रिपोर्ट
- तकनीकी ब्लूप्रिंट जारी होगा
खबर को अपडेट किया जाएगा

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
