कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है। यह कदम कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के तहत उठाया गया है, जिसने प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था दोनों हलकों में हलचल मचा दी है।

यह मामला उस कथित “सोना पप्पू” सिंडिकेट से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर लंबे समय से अवैध गतिविधियों, वर्चस्व की लड़ाई और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। फरवरी में गोलपार्क इलाके की कंकुलिया रोड पर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प इस पूरे प्रकरण का एक अहम मोड़ मानी जा रही है, जिसमें बमबाजी, गोलीबारी और पथराव की घटनाएं सामने आई थीं। इस हिंसा के बाद लगभग 10 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस टकराव के दौरान सोनू पप्पू के नेतृत्व में 100 से अधिक युवकों ने बप्पी हलदर और उसके समर्थकों पर हमला किया था, जिसके जवाब में दूसरी ओर से भी हिंसा हुई। आरोप है कि यह पूरा विवाद इलाके में वर्चस्व कायम करने की साज़िश का हिस्सा था। बताया जाता है कि सोनू पप्पू 2010–11 के आसपास निर्माण क्षेत्र में सक्रिय होने के बाद से कई बार कानूनी मामलों में घिर चुका है।

इसके अलावा, 2015 में बालीगंज रेल यार्ड पर कथित कब्जे की कोशिश के दौरान उसका टकराव एक अन्य बाहुबली मुन्ना पांडे से भी हुआ था। वर्ष 2017 में स्विन्हो लेन इलाके में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान पलाश जाना की हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया, जिसके बाद उसे जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी।

इन घटनाओं से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित आपराधिक नेटवर्क की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय के दायरे में है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे सिंडिकेट के जरिए अवैध रूप से अर्जित धन को विभिन्न तरीकों से वैध संपत्तियों में बदला गया और इसमें किन-किन प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही।

ED यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA), 2002 के तहत कर रही है, जिसके अंतर्गत अपराध से अर्जित धन को छिपाने, स्थानांतरित करने या वैध दिखाने की गतिविधियों की जांच की जाती है। इसी जांच के सिलसिले में डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को कई बार समन जारी किया गया था, लेकिन उनके पेश नहीं होने के बाद एजेंसी ने सख्त रुख अपनाते हुए लुकआउट सर्कुलर जारी किया।

सूत्रों के अनुसार, यह आशंका जताई गई थी कि वह देश छोड़कर जा सकते हैं, जिसके चलते एयरपोर्ट और इमिग्रेशन एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। LOC के बाद अब किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर रोक और निगरानी और सख्त कर दी गई है। यह पूरा मामला केवल एक आपराधिक नेटवर्क की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के नाम के जुड़ने से यह और अधिक संवेदनशील और गंभीर बन गया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी गूंज साफ महसूस की जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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