डीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर की रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या, सुराग तलाशने में उलझी दिल्ली पुलिस!
पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या के मामले में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और आपसी रंजिश के कोण से जांच जारी है।

पूर्वी दिल्ली में मृत पाई गईं डीयू प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की फाइल फोटो, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
देश की राजधानी दिल्ली के एक पॉश इलाके में हुई हाई प्रोफाइल हत्या ने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों, चौबीस घंटे तैनात रहने वाले गार्ड्स और चारों तरफ लगे सीसीटीवी कैमरों से लैस एक आधुनिक रिहायशी कॉम्प्लेक्स के भीतर घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और दिल्ली पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी हमलावरों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
शुरुआती जांच के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एक रिहायशी सोसाइटी में रहने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मामले में तब नया मोड़ आया जब मृतका के अलग रह रहे पति ने पुलिस पूछताछ में बड़ा दावा किया। पति का कहना है कि जिस वक्त यह वारदात हुई, वह दिल्ली में मौजूद नहीं था बल्कि महाराष्ट्र के पुणे शहर में था। पुलिस ने पति के इस बयान को आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया है और उसके दावों की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच अधिकारी मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के जरिए पति के इस बयान की सत्यता को परख रहे हैं।
पुलिस की जांच केवल पति के दावों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस मामले में रंजिश, आपसी दुश्मनी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी सुपारी देकर हत्या कराने के कोणों पर भी बारीकी से जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन फुटेज खंगालने पर दो बेहद संदिग्ध अज्ञात चेहरे सामने आए हैं। वारदात वाले दिन दोपहर करीब 1 बजे से शाम 6 बजे के बीच एक कैब से एक पुरुष और एक महिला इस हाउसिंग सोसाइटी पहुंचे थे। पुलिस को अंदेशा है कि इसी पांच घंटे के अंतराल के दौरान फ्लैट के भीतर देबोस्मिता पॉल की हत्या की गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों का प्रवेश तो साफ नजर आ रहा है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के पास मौजूद विजिटर्स रजिस्टर में इन अज्ञात लोगों की एंट्री का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं मिला। जब पुलिस ने सुरक्षा गार्डों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने सुरक्षा में एक बड़ी चूक की बात स्वीकार की। गार्ड्स का कहना था कि अक्सर डिलीवरी बॉयज या रोज आने-जाने वाले लोगों के अलावा कई अन्य बाहरी लोगों को भी बिना किसी पुख्ता जांच-पड़ताल या बिना रजिस्टर में नाम-पता दर्ज किए ही परिसर के अंदर जाने दिया जाता था।
पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती सीसीटीवी में दिखे मास्क पहने उस जोड़े की पहचान करना है। गार्ड्स ने बताया कि आगे चल रहे पुरुष और उसके ठीक पीछे चल रही महिला ने परिसर के भीतर घुसने के बाद कुछ फ्लैट्स का रास्ता पूछा था, लेकिन उन्हें सटीक फ्लैट नंबर याद नहीं था। संदिग्धों ने अपने चेहरे को मास्क से पूरी तरह ढक रखा था ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। पुलिस ने सोसाइटी के अंदर की गतिविधियों के आधार पर कुल 13 संदिग्ध लोगों की सूची तैयार की थी। इनमें से 9 लोगों की गहनता से जांच करने के बाद उन्हें संदेह के दायरे से बाहर कर दिया गया है, लेकिन मास्क पहने उस जोड़े सहित कुल 4 लोग अब भी लापता और अज्ञात बने हुए हैं।
इसके साथ ही, पुलिस फॉरेंसिक टीम की मदद से मृतका के लैपटॉप की भी तकनीकी जांच कर रही है। वारदात के बाद जब पुलिस फ्लैट के भीतर दाखिल हुई, तो देबोस्मिता का लैपटॉप चालू हालत में खुला हुआ पाया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का अनुमान है कि लैपटॉप के स्लीप मोड में जाने से ठीक पहले प्रोफेसर किसी शैक्षणिक कार्यक्रम से संबंधित स्टडी मटेरियल या कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कर रही थीं। पुलिस साइबर सेल की मदद से लैपटॉप की ब्राउज़िंग हिस्ट्री और अंतिम लॉग-इन विवरण खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना के ठीक पहले उनकी किससे बातचीत हुई थी या क्या कोई अन्य डिजिटल सुराग हाथ लग सकता है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हत्यारों को बेनकाब कर दिया जाएगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
