एक ओर हरियाणा की सड़कों पर हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने कानून के रक्षकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत के मामले में 29 मिलियन डॉलर के ऐतिहासिक समझौते ने न्याय और मुआवजे की वैश्विक बहस को फिर से जीवित कर दिया है। दोनों घटनाएं अलग-अलग देशों में घटीं, लेकिन एक साझा धागा उन्हें जोड़ता है—कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही।


हरियाणा: तेज रफ्तार कार ने छीनी जिंदगी:

हरियाणा में बुधवार रात लगभग 8:30 बजे काली पलटन पुल के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार, लल्कुर्ती पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल अमित अपनी होंडा सिटी कार चला रहे थे, जब उनकी कार ने पीछे से एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा में सवार निकिता सड़क पर गिर पड़ीं और कार के नीचे आकर बुरी तरह कुचल गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।



प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि चालक नशे में था। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है और यह पुष्टि करने के लिए मेडिकल परीक्षण किए जा रहे हैं कि दुर्घटना के समय वह नशे की हालत में था या नहीं। निकिता के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को निर्धारित किया गया है। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस हादसे ने पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


अमेरिका: भारतीय छात्रा की मौत पर 29 मिलियन डॉलर का समझौता

इसी बीच, अमेरिका के सिएटल शहर में जनवरी 2023 में हुई एक और दुर्घटना का मामला हाल ही में निर्णायक मोड़ पर पहुंचा। आंध्र प्रदेश की 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला, जो नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल परिसर में सूचना प्रणाली (Information Systems) की पढ़ाई कर रही थीं, को एक तेज रफ्तार पुलिस वाहन ने टक्कर मार दी थी।



23 जनवरी 2023 को सिएटल पुलिस का एक अधिकारी आपातकालीन कॉल का जवाब देते हुए लगभग 119 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहा था, जबकि निर्धारित सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसी दौरान वाहन ने जाह्नवी को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

घटना के बाद यह मामला तब और संवेदनशील हो गया जब एक अन्य अधिकारी की बॉडीकैम रिकॉर्डिंग सामने आई, जिसमें कथित तौर पर असंवेदनशील टिप्पणियां सुनाई दीं। इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया। बाद में संबंधित अधिकारी को नौकरी से हटा दिया गया और लापरवाही से वाहन चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया, हालांकि आपराधिक मंशा के पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उस पर कोई फेलोनी आरोप नहीं लगाया गया।

2024 में परिवार ने 110 मिलियन डॉलर का हर्जाना मांगते हुए मुकदमा दायर किया था। अब सिएटल शहर प्रशासन ने 29 मिलियन डॉलर (लगभग 262 करोड़ रुपये) के समझौते पर सहमति जताई है। अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता परिवार को कुछ हद तक संतोष और न्याय प्रदान करने की दिशा में एक कदम है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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