क्या जामिया कैंपस में आज भी चलती है 'छुआछूत' की प्रथा? जानें आखिर क्यों एक मुस्लिम प्रोफेसर ने आदिवासी क्लर्क को कहा 'जंगली'
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आदिवासी कर्मचारी से मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप। FIR दर्ज नहीं, विश्वविद्यालय चुप, जांच की मांग तेज।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
क्या हुआ?
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में एक कथित क्लासरूम विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। 16 जनवरी को काम से जुड़े विवाद के दौरान एक लेक्चरर पर आदिवासी समुदाय से जुड़े कर्मचारी से मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगा है।
शुरुआती आरोप:
- अपर डिवीजन क्लर्क राम फूल मीणा (ST) के साथ कथित रूप से मारपीट
- आरोप है कि लेक्चरर ने कहा — “आदिवासी जंगली हो”
- घटना क्लासरूम के भीतर होने का दावा
- मामला सामने आने के बाद कैंपस में तनाव
पीड़ित की पहचान:
पुलिस शिकायत के अनुसार पीड़ित की पहचान इस प्रकार है:
- नाम: राम फूल मीणा
- पद: अपर डिवीजन क्लर्क (UDC)
- समुदाय: अनुसूचित जनजाति (ST)
- संस्थान: जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
मीणा ने आरोप लगाया है कि घटना के अगले दिन यानी 17 जनवरी को उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी कौन है?
शिकायत में जिन पर आरोप लगाए गए हैं:
- नाम: डॉ. रियाज़ुद्दीन
- पद: लेक्चरर
- संस्थान: जामिया मिल्लिया इस्लामिया
फिलहाल आरोपी की ओर से कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस शिकायत व मौजूदा स्थिति:
- 17 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज
- अब तक FIR दर्ज नहीं
- कोई गिरफ्तारी नहीं
- किसी स्वतंत्र जांच समिति की पुष्टि नहीं
घटना से आगे के आरोप — क्यों बढ़ा मामला?
राम फूल मीणा ने सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी लगाए हैं:
अतिरिक्त आरोप:
- सहकर्मियों या वरिष्ठों द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव
- पहले की शिकायत के बाद प्रतिशोध स्वरूप ट्रांसफर
- शिकायत करने पर चुप कराने की कोशिश
इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे मामला एक बार की झड़प से आगे बढ़कर संस्थागत भेदभाव और उत्पीड़न का बनता दिख रहा है।
वीडियो विवाद:
- घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन:
- वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
- यह स्पष्ट नहीं कि वीडियो उसी घटना का है
- पुलिस या विश्वविद्यालय ने वीडियो को प्रमाणिक नहीं माना
विश्वविद्यालय की चुप्पी:
- जामिया प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान नहीं
- निलंबन या आंतरिक जांच की घोषणा नहीं
- SC/ST सेल या अन्य वैधानिक निकाय की सक्रियता स्पष्ट नहीं
- सरकारी फंड से चलने वाला अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- स्थान: जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
- पीड़ित: राम फूल मीणा (ST, UDC)
- आरोपी: डॉ. रियाज़ुद्दीन (लेक्चरर)
- आरोप: मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी, उत्पीड़न
- स्थिति: शिकायत दर्ज, FIR नहीं
- विवाद: वीडियो की पुष्टि नहीं
आगे क्या?
संभावित अगला कदम:
- FIR पर निर्णय
- जांच एजेंसी की भूमिका
- विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया
जैसे ही नए तथ्य सामने आएंगे, खबर अपडेट की जाएगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
