पीरागढ़ी गांव के टेंपो स्टैंड में बदमाशों ने साठ वर्षीय बुजुर्ग को पहले डंडे से पीटा, फिर दो बार गाड़ी से रौंदकर वारदात को दिया अंजाम

देश की राजधानी दिल्ली के बाहरी जिले के अंतर्गत आने वाले पश्चिम विहार इलाके में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर आपराधिक वारदात सामने आई है। पीरागढ़ी गांव के एक टेंपो स्टैंड में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे साठ वर्षीय बुजुर्ग दिव्यांग सुरक्षा गार्ड बिजेंद्र की कुछ अज्ञात कार सवार बदमाशों ने बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी। शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले को एक सामान्य हिट एंड रन या सड़क हादसा मानकर जांच कर रही थी, लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मामले में एक सनसनीखेज मोड़ आ गया। सीसीटीवी फुटेज से यह साफ जाहिर हो गया कि यह कोई अनजाने में हुई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई निर्मम हत्या की वारदात थी। फुटेज के आधार पर दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की शुरुआत तड़के करीब पौने तीन बजे के आसपास हुई। मृतक बिजेंद्र पीरागढ़ी गांव के ही रहने वाले थे और पिछले साल पैरालिसिस यानी फालिज का अटैक आने के कारण शारीरिक रूप से आंशिक अक्षम या दिव्यांग हो गए थे। उनकी इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और टेंपो ऑपरेटरों ने उन्हें सहारा देने के उद्देश्य से टेंपो स्टैंड में रात्रि चौकीदार की जिम्मेदारी सौंप रखी थी ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। घटना वाली रात बिजेंद्र स्टैंड के मुख्य परिसर में एक कुर्सी पर बैठकर हमेशा की तरह ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार स्टैंड के भीतर दाखिल हुई। कार रुकते ही उसमें से एक अज्ञात युवक हाथ में डंडा लेकर नीचे उतरा और उसने अचानक बिना किसी उकसावे के कुर्सी पर बैठे बुजुर्ग बिजेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद बिजेंद्र ने हिम्मत दिखाकर अपनी लाठी से खुद का बचाव करने और विरोध जताने की कोशिश की।

वारदात का जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिला है, वह बेहद विचलित करने वाला है और अपराधियों के बेखौफ हौसलों को बयां करता है। फुटेज में देखा जा सकता है कि जब पैदल उतरे हमलावर का बिजेंद्र ने विरोध किया, तो कार चला रहे चालक ने तेज रफ्तार में वाहन को आगे बढ़ाया और सीधे बिजेंद्र को टक्कर मारने का प्रयास किया। इसके तुरंत बाद अपराधियों ने कार को पीछे की तरफ मोड़ा और अत्यधिक तेज गति से लाचार बुजुर्ग को रौंदते हुए आगे निकल गए। क्रूरता की पराकाष्ठा यहीं समाप्त नहीं हुई; कार सवार अपराधी कुछ ही सेकंड बाद दोबारा गाड़ी को मोड़कर उसी स्थान पर वापस लाए और सड़क पर तड़प रहे घायल बुजुर्ग के ऊपर दोबारा गाड़ी का पहिया चढ़ाते हुए मौके से फरार हो गए। इस जानलेवा हमले के दौरान आसपास मौजूद आवारा कुत्तों ने स्थिति को भांपकर जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया था, जिनकी आवाजें सुनकर पास की फैक्ट्रियों में सो रहे मजदूर जाग गए और बाहर की तरफ दौड़े।

मजदूर जब स्टैंड के मुख्य मार्ग पर पहुंचे, तो उन्होंने बिजेंद्र को खून से लथपथ और गंभीर रूप से अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ा पाया। स्थानीय ग्रामीणों को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पीसीआर को मामले की जानकारी दी गई। आउटर दिल्ली के डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, पुलिस नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह करीब चार बजकर तीन मिनट पर पीरागढ़ी टेंपो स्टैंड के पास एक व्यक्ति के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और अचेत पड़े बिजेंद्र को नजदीकी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती मुआयने में घटनास्थल पर टायरों के घसीटे जाने के गहरे निशान मिलने से पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद तकनीकी टीम और स्थानीय पुलिस ने मिलकर स्टैंड के सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, जिससे इस पूरी वीभत्स वारदात का पर्दाफाश हुआ।

कानूनी और आधिकारिक पहलुओं की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने पश्चिम विहार वेस्ट थाने में अज्ञात कार सवारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वारदात के पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं; पहली आशंका यह है कि आरोपी इलाके में किसी बड़ी चोरी या स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने के इरादे से आए थे और चौकीदार बिजेंद्र द्वारा टोके जाने या विरोध किए जाने पर उन्होंने पहचान उजागर होने के डर से उन पर हमला कर दिया। दूसरी थ्योरी के तहत पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या बिजेंद्र का स्थानीय स्तर पर या किसी अन्य पक्ष के साथ पुराना व्यक्तिगत रंजिश या विवाद था, जिसके कारण इस लक्षित हमले (टार्गेटेड अटैक) को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया है, जो संदिग्ध बिना नंबर वाली कार के रूट को ट्रैक करने के लिए पीरागढ़ी और आसपास के इलाकों के लगभग दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं।

इस घटना के बाद से पीरागढ़ी गांव और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों और मजदूरों के बीच गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने देश की राजधानी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्टैंड के पास विरोध प्रदर्शन भी किया है। एक बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्ति के साथ सार्वजनिक स्थान पर हुई इस प्रकार की अमानवीय और क्रूर वारदात ने महानगरीय सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों की पहचान लगभग अंतिम दौर में है और बहुत जल्द वारदात में इस्तेमाल वाहन समेत सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस घटना का पटाक्षेप होने तक इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एहतियातन कर दी गई है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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