दिल्ली में 4 कट्टरपंथी गिरफ्तार ; “खिलाफत” और “गजवा-ए-हिंद” प्लान का बड़ा खुलासा
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार कर IED बनाने का सामान बरामद किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए युवाओं को भड़काकर भारत में “खिलाफत” और “गजवा-ए-हिंद” की साजिश रच रहे थे।

राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार कथित रूप से कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक व्यापक खुफिया अभियान के तहत की गई, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े युवकों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी न केवल कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे, बल्कि देश में अस्थिरता फैलाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे निवासी मोसाइब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम, मुंबई के मोहम्मद हम्माद, ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी शेख इमरान और बिहार के कटिहार के मोहम्मद सोहैल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी युवक एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भारत में तथाकथित “खिलाफत” स्थापित करने और “गजवा-ए-हिंद” जैसी अवधारणाओं को आगे बढ़ाने की मंशा रखते थे।
🚨 HUGE! Delhi Police Special Cell has ARRESTED 4 radicalised youths in a major intelligence operation.
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 18, 2026
They were influenced by extremist ideology & were allegedly preparing to establish a “Khilafat” in India & advance plans linked to “Ghazwa-e-Hind.” pic.twitter.com/JOnHe3pZlK
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आरोपी व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे, जहां वे बंद समूहों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने, उन्हें जोड़ने और कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने का काम कर रहे थे। इन समूहों में न केवल उग्र सामग्री साझा की जाती थी, बल्कि संभावित लक्ष्यों और रणनीतियों पर भी चर्चा की जाती थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया है। जांच में यह सामने आया है कि दो आरोपी बॉल बेयरिंग, कीलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इकट्ठा कर रहे थे और एक रिमोट कंट्रोल आधारित विस्फोटक उपकरण तैयार करने की योजना बना रहे थे, जिसे खिलौने के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था। यह पहलू इस साजिश की गंभीरता को और बढ़ाता है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एन्क्रिप्टेड चैट समूहों में एडमिन की भूमिका निभा रहे थे, जहां वे जिहाद से संबंधित सामग्री साझा करते थे और अन्य सदस्यों को सक्रिय रूप से उकसाते थे। एक आरोपी ने कथित तौर पर हथियार और विस्फोटक जुटाने के लिए दूसरों को प्रेरित किया और इसके लिए फंड जुटाने हेतु अपने बैंक और क्यूआर कोड की जानकारी भी साझा की। वहीं, एक अन्य आरोपी ने हथियार उपलब्ध कराने और शारीरिक प्रशिक्षण, जिसमें घुड़सवारी भी शामिल है, की व्यवस्था करने की पेशकश की थी।
सबसे चिंताजनक पहलू यह सामने आया है कि एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में दिल्ली के संवेदनशील स्थलों, जिनमें लाल किला भी शामिल है, का दौरा किया था और वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर अन्य लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया। इस तरह की गतिविधियां संभावित हमलों की पूर्व तैयारी का संकेत देती हैं, जिसे सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से देख रही हैं।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार सहित कई राज्यों में फैले ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क का हिस्सा है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए फैल रही कट्टरपंथी विचारधारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
