उत्तर-पश्चिम दिल्ली पुलिस ने घरेलू सहायिका आरती चौहान को गिरफ्तार कर राणा प्रताप बाग में हुई सोने और हीरे की चोरी का खुलासा किया।

देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में सुरक्षा और भरोसे को तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात का दिल्ली पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। राणा प्रताप बाग जैसे प्रतिष्ठित इलाके में स्थित एक आवास में हुई लाखों रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों की चोरी ने न केवल क्षेत्र में दहशत फैला दी थी, बल्कि घरेलू सहायकों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और गहन तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप न केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया, बल्कि चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया गया है।

मामले की शुरुआत उत्तर-पश्चिम दिल्ली के राणा प्रताप बाग निवासी उर्मिला जैन के घर में हुई चोरी से हुई। पीड़ित परिवार के अनुसार, घर के अलमारी में रखे कीमती हीरे और सोने के गहने रहस्यमयी तरीके से गायब थे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए उर्मिला जैन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। राजधानी के एक पॉश इलाके में हुई इस बड़ी चोरी ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी, जिसके लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश की अनुपस्थिति ने पुलिस को यह संकेत दिया कि वारदात में किसी करीबी या घर के अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। पुलिस ने घर में आने-जाने वाले सभी कर्मचारियों और घरेलू सहायकों की सूची तैयार कर उनसे कड़ी पूछताछ शुरू की। इसी प्रक्रिया के दौरान घरेलू सहायिका आरती चौहान के बयानों में विरोधाभास पाया गया। आरती, जो पिछले कुछ समय से जैन परिवार के यहां कार्यरत थी, पुलिस के मनोवैज्ञानिक दबाव के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी और अंततः उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरती चौहान ने पुलिस को बताया कि उसने रातों-रात अमीर बनने और आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था। उसने सुनियोजित तरीके से मौका पाकर अलमारी से लाखों के जेवरात पार कर दिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी किए गए सभी हीरे और सोने के आभूषण बरामद कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है और बरामदगी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह मामला शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले घरेलू सहायकों के पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करता है। दिल्ली पुलिस समय-समय पर नागरिकों को सलाह देती रही है कि वे अपने घर में किसी भी कर्मचारी को रखने से पहले उनका उचित सत्यापन कराएं। राणा प्रताप बाग की यह घटना सबक है कि कैसे थोड़ी सी असावधानी और भरोसे का दुरुपयोग बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया है, बल्कि अपराधियों को भी कड़ा संदेश दिया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story