Cyber Fraud : भारतीय साइबर अपराध जगत में एक नई और बेहद खतरनाक ठगी का तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसमें सोशल मीडिया पर दिखने वाली मीठी बातचीत अंत में भय, ब्लैकमेलिंग और आर्थिक नुकसान की दर्दनाक कहानी बन जाती है। देशभर में विशेष रूप से युवा महिलाओं को निशाना बनाते हुए साइबर गिरोह अब प्यार, भरोसा और महंगे तोहफों के लालच की आड़ में नई तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के महीनों में इस तरह के मामलों में चिंताजनक इज़ाफ़ा दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर में रहने वाली नैना (बदला हुआ नाम) भी इन्हीं घटनाओं में से एक का हिस्सा बनने से बाल-बाल बचीं। छठ पूजा के दिन उन्हें एक अनजान इंस्टाग्राम प्रोफाइल से लगातार मैसेज मिलने लगे। थोड़े समय बाद वही व्यक्ति खुद को लंदन में रहने वाला पाकिस्तानी मूल का डॉक्टर बताने लगा। चीन से MBBS करने और यूके में नौकरी करने की उसकी कहानी और उसकी ऑनलाइन प्रोफाइल नैना को वास्तविक लगी, और बात-चीत इंस्टाग्राम से बढ़कर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई।

बातचीत के दौरान वह व्यक्ति लगातार वीडियो कॉल करने का दबाव बनाता रहा, लेकिन हर बार कैमरा बंद रखकर नेटवर्क की परेशानी का बहाना बनाता था। कुछ ही दिनों में उसने शादी का प्रस्ताव रख दिया, जिसे नैना ने साफ मना कर दिया। इसी इनकार के बाद ठगी की असली शुरुआत हुई। व्यक्ति ने महंगे गिफ्ट खरीदने के वीडियो भेजे, जिनमें आईफोन, ज्वेलरी और कीमती साड़ियां दिखाई जा रही थीं। पते से इनकार करने के बावजूद उसने दावा किया कि गिफ्ट भारत भेज दिए गए हैं।

अगली सुबह नैना को एक कॉल मिला, जिसमें कहा गया कि पार्सल मुंबई एयरपोर्ट पर अटका है और उसे छुड़ाने के लिए 4,000 रुपये देने होंगे। पैसे न देने पर CBI में मामला भेजने की धमकी दी गई। घबराकर नैना ने रकम ट्रांसफर कर दी। अगले दिन 12,000 रुपये और मांग लिए गए, और मना करने पर नकली डॉक्टर ने धमकी दी कि वह उसका वीडियो वायरल कर देगा।

डर और भ्रम के बीच नैना अपने सोने के जेवर बेचने तक पहुंच गईं, लेकिन बैंक कर्मचारियों और दुकानदार की सजगता ने उन्हें एक बड़ी ठगी से बचा लिया। इसके बाद फर्जी CBI अधिकारियों के कॉल भी आए, लेकिन इस बार उन्होंने समझदारी दिखाते हुए सभी नंबर ब्लॉक कर दिए। शर्म और सामाजिक भय के कारण उन्होंने मामले की जानकारी न तो परिवार को दी, न ही पुलिस को।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर भरोसा जीतने के बाद गिफ्ट और पार्सल के नाम पर ठगी करते हैं। नकली कस्टम अधिकारी, एयरपोर्ट स्टाफ और फर्जी कूरियर कॉल—all एक ही रैकेट का हिस्सा होते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि कस्टम विभाग कभी फोन पर पैसे नहीं मांगता, और कोई विदेशी गिफ्ट बिना वैध दस्तावेजों के देश में प्रवेश नहीं कर सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं को अनजान प्रोफाइल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, किसी पर जल्दी विश्वास नहीं करना चाहिए, और किसी भी तरह की धमकी को ठगी की पहली निशानी समझना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण यह कि ऐसे मामलों को छिपाएं नहीं, और तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि अपराधियों तक कानून पहुंच सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story