मुंबई। प्रतीक्षा नगर पुलिस क्वार्टर में रहने वाले एक पुलिस कांस्टेबल की रहस्यमयी मौत ने उस वक्त सनसनी फैला दी जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस मौत को महज हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हमला करार दिया। मृतक प्रवीण सूर्यवंशी (52), शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे, जिनकी मौत को शुरू में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया गया था। लेकिन जांच ने इस घटना के पीछे जो सच उजागर किया, उसने न सिर्फ पुलिस महकमे को चौंका दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि पारिवारिक विवाद किस हद तक खतरनाक हो सकता है।

प्रवीण सूर्यवंशी की मौत 15 सितंबर को उनके सरकारी आवास में हुई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए एडीआर (Accidental Death Report) दर्ज की थी। परंतु जब शव का पोस्टमॉर्टम हुआ, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि प्रवीण के शरीर पर 38 गंभीर चोटों के निशान थे। खून अधिक बह जाने और आंतरिक चोटों के कारण उनकी मौत अप्राकृतिक तरीके से हुई थी।

जैसे ही यह रिपोर्ट सामने आई, जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी स्मिता सूर्यवंशी और बेटे प्रतीक सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच अधिकारी के अनुसार, प्रवीण और उनके परिवार के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि प्रवीण, नासिक और कल्याण स्थित अपनी संपत्तियों को अपने कुछ अन्य रिश्तेदारों के नाम कर रहे थे, जिससे पत्नी और बेटा नाराज थे। इसी वित्तीय तनाव ने इस पारिवारिक कलह को हिंसा की दिशा में धकेल दिया।

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि घटना वाले दिन, प्रवीण का अपनी पत्नी और बेटे के साथ शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के बाहर झगड़ा हुआ था। इसके बाद जब वे अपने सरकारी क्वार्टर लौटे, तो वहां दोनों ने मिलकर उन पर हमला किया। पुलिस के अनुसार, हमले में प्रवीण को खिड़की के कांच पैनल की ओर धक्का दिया गया, जिससे शीशा टूट गया और कई जगह गहरे घाव हुए। खून अधिक बहने से उनकी स्थिति गंभीर हो गई और समय पर चिकित्सा न मिल पाने के कारण उनकी मौत हो गई।

मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदारों ने प्रारंभिक जांच में ही यह आशंका जताई थी कि यह मौत स्वाभाविक नहीं थी। उनके अनुसार, प्रवीण पिछले कुछ वर्षों से मानसिक तनाव में थे और घर में अक्सर झगड़े की स्थिति बनी रहती थी। संपत्ति के बंटवारे को लेकर उनका परिवार आपस में उलझा हुआ था, और कई बार उन्होंने यह बात अपने रिश्तेदारों से साझा भी की थी।

पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस घटना के पीछे कोई और व्यक्ति भी शामिल था या फिर यह केवल पत्नी और बेटे की मिलीभगत का नतीजा था। आरोपी मां-बेटे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर समाज में पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और संपत्ति विवादों की भयावहता को उजागर करती है। एक पुलिसकर्मी, जो समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व निभाता है, अपने ही घर में असुरक्षित हो गया। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की त्रासदी है जो भरोसे और संवेदना की नींव पर खड़ा होना चाहिए था।

प्रवीण सूर्यवंशी की असमय और दुखद मौत ने उनके विभाग, सहयोगियों और रिश्तेदारों को स्तब्ध कर दिया है। अब पूरा पुलिस महकमा और समाज इस सवाल से जूझ रहा है—क्या संपत्ति का मोह इंसानियत और रिश्तों से बड़ा हो गया है?

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story