कोयंबटूर: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले से सामने आई एक अत्यंत हृदयविदारक और क्रूर घटना ने पूरे राज्य सहित देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। एक दस वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और फिर निर्मम तरीके से की गई हत्या के इस जघन्य मामले के सामने आने के बाद से ही जनता और सामाजिक संगठनों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। इस भयानक अमानवीय कृत्य को लेकर तमिल फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता व राजनेता कमल हासन और विख्यात फिल्म निर्देशक पा रंजीत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों ही प्रमुख हस्तियों ने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (थलपति विजय) से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और इस जघन्य अपराध में लिप्त दोषियों को समाज के सामने एक कड़ा नजीर बनाने की पुरजोर मांग की है।

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर घटनाक्रम की पृष्ठभूमि के अनुसार, दस साल की यह मासूम पीड़ित बच्ची अपने घर के पास स्थित एक स्थानीय दुकान से कुछ घरेलू सामान खरीदने के लिए निकली थी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता गहरी हो गई और उन्होंने उसी रात स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खोजी अभियान शुरू किया। इसके बाद कोयंबटूर के सुलूर क्षेत्र के अंतर्गत कन्नामपलयम झील के पास स्थित एक सूने खेत से बच्ची का शव अत्यंत क्षत-विक्षत स्थिति में बरामद हुआ। पुलिस की त्वरित जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में शामिल दो मुख्य आरोपियों, जिनकी पहचान कार्तिक और मोहनराज के रूप में हुई है, को कानून के शिकंजे में कस लिया गया है।

इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। हासन ने लिखा कि सुलूर के निकट एक नन्ही बच्ची के साथ हुआ यह बर्बर अत्याचार दिल दहला देने वाला है। उन्होंने राज्य प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (त्वरित न्यायालय) के माध्यम से की जानी चाहिए ताकि बिना किसी न्यायिक देरी के दोषियों को कानून के तहत मिलने वाली अधिकतम सजा सुनिश्चित की जा सके। हासन ने इसके साथ ही पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से उचित वित्तीय मुआवजा देने और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे हिंसक अपराधों को पूरी तरह से कुचलने का आग्रह किया है।

दूसरी तरफ, अपने बेबाक सामाजिक सिनेमा के लिए जाने जाने वाले फिल्मकार पा रंजीत ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को सीधे तौर पर टैग करते हुए कानूनी सुरक्षा के उपायों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने नीलम कल्चरल सेंटर की ओर से बयान जारी करते हुए कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील और मुख्य राजनीतिक मुद्दा थी। जनता से सरकार बदलने पर इन बुनियादी सुरक्षा मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाने का पुरजोर वादा किया गया था। रंजीत ने सीधे शब्दों में कहा कि भले ही विजय की नई सरकार को सत्ता की कमान संभाले महज दो हफ्ते का संक्षिप्त समय हुआ है, लेकिन इस तरह की अमानवीय क्रूरता को छिपाने या टालने के लिए प्रशासनिक अनुभवहीनता को किसी भी परिस्थिति में बहाना नहीं बनाया जा सकता है।

व्यापक जन-आक्रोश और सिनेमाई जगत के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भी इस क्रूर घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में इस घटना को पूरी तरह से अमानवीय और अक्षम्य बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी मानवीय संवेदना और सांत्वना व्यक्त की। मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के आपराधिक या क्रूर कृत्यों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों कार्तिक और मोहनराज के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित बेहद सख्त धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए, ताकि समाज विरोधी तत्वों में कानून का खौफ कायम हो सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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