नाबालिग खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न के आरोप में कोच गिरफ्तार? NRAI की जांच में हुआ बड़ा खुलासा..
हरियाणा के फरीदाबाद में एक नाबालिग महिला शूटिंग खिलाड़ी के साथ Alleged यौन उत्पीड़न के आरोप में NRAI ने कोच अंकुश भारद्वाज को निलंबित किया। पुलिस और NRAI की जांच जारी, अन्य खिलाड़ी ने भी समान दबाव की रिपोर्ट दी, खेल में सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल उठे।

हरियाणा के फरीदाबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने भारतीय शूटिंग समुदाय में सनसनी मचा दी है। राष्ट्रीय शूटिंग संघ (NRAI) ने अपने प्रमुख पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग महिला शूटिंग खिलाड़ी के साथ यौन उत्पीड़न किया। यह घटना 16 दिसंबर, 2025 को सूरजकुंड के एक होटल में हुई, वहीं लड़की ने दक्षिण दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में अपने प्रदर्शन के तुरंत बाद होटल पहुंची थी।
पीड़िता की मां ने 6 जनवरी को एनआईटी फरीदाबाद महिला थाना में POCSO अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भारद्वाज ने अपनी कोचिंग की विश्वसनीयता का दुरुपयोग करते हुए नाबालिग को अपने कमरे में बुलाया और उसे प्रदर्शन के फीडबैक के बहाने दबाव में लाकर यौन उत्पीड़न किया।
भारद्वाज, जो कि सल्वो शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षक हैं और ओलंपियन अंकुश मूद्गिल के पति भी हैं, पर NRAI ने जांच पूरी होने तक निलंबन लगा दिया है। संघ ने स्पष्ट किया कि संगठन इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है और यदि आरोप सिद्ध हुए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में होटल के CCTV फुटेज, रिकॉर्ड और अन्य सबूतों का संकलन किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक अन्य महिला शूटिंग खिलाड़ी ने भी भारद्वाज के समान दबाव डालने के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया है।
इस घटना ने देश में शूटिंग खेल के कोचिंग ढांचे और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षक और खिलाड़ी के बीच भरोसे का रिश्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, और इस तरह के आरोप पूरे खेल समुदाय के लिए गंभीर चेतावनी हैं। NRAI और पुलिस की संयुक्त जांच इस मामले की गहनता को सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल पीड़िता को न्याय मिलेगा, बल्कि अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
भारद्वाज के निलंबन और जांच की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि खेल संस्थान अब खिलाड़ियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं। देशभर में कोचिंग और खेल प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। इस मामले की गहराई और प्रभाव ने पूरे भारतीय शूटिंग समुदाय में खलबली मचा दी है। यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि खेल में नैतिकता, प्रशिक्षण पारदर्शिता और नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकेत है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
