बुधवार की सुबह बेंगलुरु के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित थानिसंद्रा-हेगड़े नगर इलाके में एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सुबह लगभग 8:10 से 8:15 बजे के बीच एक निजी स्कूल बस और स्कूटर के बीच हुई टक्कर में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा न केवल लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, बल्कि स्कूल परिवहन व्यवस्था और व्यस्त चौराहों की सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े कर गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूटर सिटी आर्म्ड रिजर्व (CAR) के पुलिस कांस्टेबल नागना गौड़ा चला रहे थे। उनके साथ उनकी दो वर्षीय बेटी वर्षा और चार वर्षीय भांजी भानु सवार थीं। बताया जा रहा है कि वे पास की दुकान से दूध लेने निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटर सड़क किनारे रुका हुआ था और कांस्टेबल बस को निकलने देने के लिए इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान मोड़ ले रही निजी स्कूल बस ने स्कूटर को टक्कर मार दी।



टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बच्चियां स्कूटर से उछलकर सड़क पर गिर पड़ीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बस का पिछला पहिया दोनों मासूमों के ऊपर से गुजर गया। दो वर्षीय वर्षा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय भानु ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में नागना गौड़ा को मामूली चोटें आईं और वे सुरक्षित बच गए, लेकिन अपनी आंखों के सामने हुई इस त्रासदी ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि स्कूटर सड़क पर स्थिर था और बस मोड़ लेते समय उससे टकरा गई। कुछ रिपोर्टों में इसे यू-टर्न के दौरान हुई टक्कर बताया गया है। वीडियो में यह भी दिखता है कि टक्कर के बाद बच्चियां सड़क पर गिरती हैं और बस का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर जाता है।

पुलिस के अनुसार, बस एक निजी स्कूल की थी और सुबह की नियमित रूट पर चल रही थी। हादसे के समय बस में लगभग 25 स्कूली बच्चे सवार थे। दुर्घटना के बाद उन्हें बस के भीतर ही सुरक्षित रखा गया और बाद में दूसरी बस के जरिए भेजा गया। हेनूर ट्रैफिक पुलिस ने बस चालक 42 वर्षीय ए. मरप्पा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में चालक के शराब के प्रभाव में होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। बस को भी जब्त कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विस्तृत जांच जारी है।

हादसे के बाद दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए येलहंका सरकारी अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और अभिभावकों के बीच गहरा आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है। विशेष रूप से स्कूल बसों की निगरानी, चालकों के प्रशिक्षण और व्यस्त चौराहों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

यह दुर्घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि शहरी यातायात व्यवस्था की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की गंभीर परीक्षा है। दो मासूम जिंदगियों का यूं असमय समाप्त हो जाना पूरे शहर के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर हो सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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