महाराष्ट्र के बीड जिले में वैवाहिक धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक ताने-बाने और विवाह प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमापुर गांव में सक्रिय एक संगठित गिरोह ने शादी की आड़ में न केवल आठ मासूम पुरुषों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि नौवें शिकार के रूप में योगेश शिंदे नामक युवक को अपनी साजिश का केंद्र बनाया। यह मामला महज एक वित्तीय ठगी नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क की कहानी है जो ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह योग्य युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना रहा था।

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब योगेश शिंदे का परिवार उनके लिए एक उपयुक्त वधू की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उनका संपर्क एक स्थानीय मैरिज एजेंट से हुआ। इस एजेंट ने शिंदे परिवार को एक युवती के बारे में बताया और बदले में 3.5 लाख रुपये की मांग की। लंबी बातचीत के बाद सौदा 3 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें से 1 लाख रुपये नकद और 2 लाख रुपये डिजिटल माध्यम से स्थानांतरित किए गए। पैसे प्राप्त करने के महज तीन दिन बाद, एजेंट ने युवती को शिंदे के गांव पहुंचाया और आनन-फानन में एक स्थानीय मंदिर में विवाह संपन्न करा दिया गया। उस समय शिंदे परिवार को इस बात का आभास तक नहीं था कि वे एक पेशेवर गिरोह के जाल में फंस चुके हैं।

शादी के शुरुआती दिन सामान्य रहे, लेकिन गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। करीब एक महीने बाद शिंदे को एक अन्य महिला से मिलवाया गया जिसे दुल्हन की 'मां' बताया गया था। बाद में पुलिस जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि वह महिला केवल इस नाटक का एक हिस्सा थी और उसका दुल्हन से कोई वास्तविक पारिवारिक संबंध नहीं था। शादी के लगभग दो महीने बीतने के बाद, जब गिरोह को लगा कि वे पर्याप्त धन और विश्वास हासिल कर चुके हैं, तो दुल्हन अचानक घर से लापता हो गई। वह अपने साथ घर में रखा 6 ग्राम सोना और करीब 80 हजार रुपये नकद भी ले गई।

दुल्हन के अचानक गायब होने के बाद जब योगेश शिंदे ने अपने स्तर पर जांच शुरू की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें पता चला कि जिस महिला को वह अपनी पत्नी मान रहे थे, वह पहले ही आठ अलग-अलग पुरुषों के साथ इसी तरह की फर्जी शादियां कर चुकी थी। गिरोह की यह कार्यप्रणाली साल 2023 से निरंतर जारी थी। शिंदे के अनुसार, एजेंट को दी गई राशि, शादी के खर्च और चोरी किए गए सामान को मिलाकर उन्हें कुल 9 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस खुलासे के बाद पीड़ित की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने तक का विचार किया।

वर्तमान में, बीड पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिंदे ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना दर्शाती है कि मैरिज ब्यूरो और बिचौलियों के माध्यम से होने वाले रिश्तों में सत्यापन कितना अनिवार्य है। पुलिस अब उन आठ अन्य पीड़ितों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो लोकलाज के डर से सामने नहीं आए थे। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस ने नागरिकों को इस तरह के वैवाहिक एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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