राजपुर क्षेत्र के गुरुकुल परिसर में आवारा कुत्तों के साथ बर्बरता की एक शर्मनाक घटना सामने आई है। कुत्ते न केवल लोगों के विश्वासी साथी होते हैं बल्कि वे अकेलेपन और मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार होते हैं। ये जबर्दस्त भावनात्मक बंधन रखते हैं और मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। मानवों की भावनाओं को समझने और प्रतिक्रिया देने में कुत्ते माहिर होते हैं, इसलिए इनके प्रति यह अमानवीय कृत्य और भी अधिक ह्रदय विदारक है। गुरुवार दोपहर को हुए इस दुखद हादसे में तीन आवारा कुत्तों को गुरुकुल परिसर में गले में रस्सी डालकर बेरहमी से मारा गया।


स्थानीय लोगों ने इस घटना को देख अधिकारियों और पशु संरक्षण संगठनों को सूचना दी। पशु प्रेमियों ने आरोप लगाया कि गुरुकुल में रहने वाले कुछ ब्रह्मचारियों ने यह कृत्य किया है। इंटरनेट पर वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि कैसे कुत्तों को लाठी-डंडों से मारा गया और एक कुत्ते को रस्सी से बांधकर लटकाया गया। सूचना पर पहुंचे गोरक्षकों ने एक अन्य कुत्ते को मौत के मुंह से बचाया। गोरक्षक महेश ने बताया कि उनका तुरंत हस्तक्षेप करने से एक कुत्ते के बच्चे की जान बचाई गई। स्थानीय पशु प्रेमी ब्रजकिशोर, अंशु और हरीश शर्मा ने इस घटना की शिकायत पशु संगठन और स्थानीय प्रशासन से की है।


गुरुकुल के संचालक आचार्य स्वदेश ने कहा कि कुछ दिनों पहले एक कुत्ते ने एक गाय पर हमला किया था, जिससे गाय की मौत हो गई थी। एक अन्य कुत्ते ने ब्रह्मचारियों पर हमला किया था, जिसे बाद में मारा गया। हालांकि, उन्होंने वायरल वीडियो की जानकारी से इनकार किया। सदर थाना के अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह घटना पशु कल्याण और उनके प्रति मानवता के नजरिए पर चर्चा को फिर से जीवित कर देती है। सामाजिक स्तर पर पशु संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता साफ नजर आ रही है।


स्थानीय पशु प्रेमियों और संरक्षण संगठनों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों के लिए बेहतर प्रबंध और सुरक्षा की मांग की है, साथ ही ऐसी अमानवीय घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की भी पुकार लगाई है। उन्होंने कहा कि सभी प्राणी जीवन के अधिकारी हैं और उनका सम्मान सामाजिक जिम्मेदारी है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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