पहचान छिपाकर किया दुष्कर्म ; पुलिस ने बीच सड़क पर कराई आरोपी अब्दुल की परेड, देखें वीडियो
मध्य प्रदेश के खरगोन में एक युवक पर पहचान छिपाकर विवाह, दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके बाद सार्वजनिक परेड का वीडियो वायरल हो गया। मामला सोशल मीडिया पर बहस और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है।

खरगोन पुलिस की गिरफ्त में आरोपी अब्दुल हादी
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जिसमें “अब्दुल हादी” नामक युवक पर एक युवती से पहचान छिपाकर विवाह करने, दुष्कर्म, धोखाधड़ी और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का माहौल बन गया है, वहीं पुलिस की कार्रवाई और उससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता को युवक की असली पहचान तब पता चली जब उसने उसके आधार कार्ड के माध्यम से उसकी सच्चाई की पुष्टि की। आरोप है कि इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी, जिसमें उसने बताया कि युवक ने न केवल अपनी पहचान छिपाई, बल्कि विवाह के बाद कथित रूप से उसे धमकियां भी दीं कि यदि वह धर्म परिवर्तन नहीं करती तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा।
Dhar : Abdul Hadi posed as “Aditya Thakur” to trap a Hindu girl, rap*d her and then threatened her to convert when exposed...
— Mr Sinha (@Mrsinha) April 11, 2026
He was arrested last night, and paraded shirtless by police...
And some Moron Hindus say that "love jihad is a myth, coined by Sanghis"... pic.twitter.com/Qzrh8XTXKP
शिकायत के आधार पर धार पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसका एक वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिस द्वारा उसे सार्वजनिक रूप से परेड कराए जाने का दृश्य दिखाया गया। यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ लोगों ने इसे न्यायोचित कार्रवाई बताया, वहीं अन्य ने इसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की प्रक्रिया करार दिया।
इसी बीच मामले से जुड़े आरोपों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने खुद को “आदित्य ठाकुर” बताकर एक हिंदू महिला से विवाह किया था और बाद में उसकी पहचान उजागर होने पर पूरा मामला सामने आया। पीड़िता पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनकी मां से विवाह कर उन्हें धोखे में रखा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक अन्य संदर्भ के रूप में नासिक के एक कथित बीपीओ घोटाले का भी उल्लेख सामने आया है, जिसमें छह मुस्लिम टीम लीडरों पर कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन और मांस खाने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। बताया गया कि उस मामले में भी विशेष जांच की गई थी, जिसमें लगभग 50 पीड़ितों के शामिल होने की आशंका जताई गई थी।
इसके अतिरिक्त, इस मामले को लेकर यह भी दावा सामने आया है कि पुलिस द्वारा आरोपी को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए जाने और उससे जुड़ी कार्रवाई के तरीके को लेकर अलग-अलग मत सामने आए हैं, जिससे यह प्रकरण कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक बहस का विषय भी बन गया है।
यह मामला न केवल गंभीर आपराधिक आरोपों की वजह से चर्चा में है, बल्कि पुलिस कार्रवाई की शैली और उससे जुड़े सार्वजनिक विमर्श के कारण भी व्यापक रूप से सुर्खियों में बना हुआ है, जो आने वाले समय में और अधिक जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत स्पष्ट हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
