पुणे: प्रेम का जाल, पुरानी रंजिश और बदले की ऐसी आग जिसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। पुणे जिले के खेड़ शिवापुर में हुई अमन सिंह की नृशंस हत्या ने पुलिस प्रशासन समेत पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। एक सोची-समझी साजिश के तहत पहले सोशल मीडिया के जरिए शिकार को फांसा गया और फिर 4 घंटे तक मौत का ऐसा तांडव चला, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।

प्रतिशोध की आग और डिजिटल निगरानी

इस जघन्य हत्याकांड की नींव सितंबर 2025 में ही पड़ गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य सूत्रधार प्रथमेश आढळ और मृतक अमन सिंह के बीच उस समय जबरदस्त विवाद हुआ था। इस लड़ाई में प्रथमेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। अपने अपमान और चोट का बदला लेने के लिए प्रथमेश के मन में बदले की आग धधक रही थी।

अमन सिंह का पता लगाने के लिए आरोपियों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। जब उन्हें पता चला कि अमन इंस्टाग्राम पर सक्रिय है, तो उन्होंने वहीं से अपनी खौफनाक योजना को अंजाम देना शुरू किया।

हनीट्रैप का खूनी खेल

आरोपियों ने अमन को अपने जाल में फंसाने के लिए एक युवती का सहारा लिया। इंस्टाग्राम के जरिए अमन को 'हनीट्रैप' (Honey Trap) में फंसाया गया। युवती ने उसे प्रेम के जाल में उलझाया और विश्वास जीतने के बाद, 29 दिसंबर को उसे मिलने के बहाने बुलाया। अमन, जिसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह प्रेमिका से मिलने नहीं, बल्कि अपनी मौत के मुंह में जा रहा है, वहां पहुंच गया।

4 घंटे की हैवानियत और 'आखिरी इच्छा'

घटनास्थल खेड़ शिवापुर का सुनसान और डोंगराळ (पहाड़ी) इलाका था, जहां वर्तमुख मंदिर स्थित है। यहां आरोपियों ने अमन को घेर लिया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी भी थ्रिलर फिल्म की पटकथा से ज्यादा भयावह था।

हत्यारों ने अमन को मारने से पहले एक अजीबोगरीब दरियादिली दिखाई—उन्होंने उससे उसकी 'आखिरी इच्छा' पूछी। अमन द्वारा मांगे जाने पर उसे बीयर और सिगरेट दी गई। लेकिन इसके तुरंत बाद क्रूरता का खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने अमन को डरा-धमकाकर उसे खुद अपनी ही कब्र खोदने पर मजबूर किया। उसे उस गड्ढे में जिंदा दफनाने की कोशिश की गई।

नृशंस हत्या का अंजाम

जब आरोपियों को लगा कि वह जिंदा बच सकता है, तो उन्होंने उसे गड्ढे से बाहर निकाला। इसके बाद सर्जिकल ब्लेड से उसके शरीर पर कई वार किए गए। इतने पर भी जब उनका मन नहीं भरा, तो कोयते (धारदार हथियार) से उसका गला रेत दिया गया और अंत में भारी पत्थर से उसका सिर कुचलकर उसे मौत की नींद सुला दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इस खूनी खेल ने कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में अजनबियों पर भरोसा करना कितना घातक हो सकता है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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