हरिद्वार में एक छोटी बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। 1 मार्च 2024 की शाम छह वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के इस मामले में न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाते हुए अपराधियों के प्रति सख्त संदेश दिया। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के न्यायाधीश रमेश सिंह ने आरोपी पड़ोसी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।


घटना हरिद्वार जिले के गोरेला क्षेत्र के ग्राम रामई रायके टोला की है। आरोपी नीरज, पीड़िता का पड़ोसी, उस दिन बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ जघन्य अपराध किया। घटना के तुरंत बाद पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उसी रात गिरफ्तार कर लिया और पूरे मामले की जांच शुरू की। अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में स्थानांतरित किया गया।


अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत प्रस्तुत किए। मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और गवाहों के बयान इस अपराध को सिद्ध करने में निर्णायक साबित हुए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह के अपराध न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करते हैं। न्यायाधीश रमेश सिंह ने टिप्पणी की कि बच्चों के साथ यौन अपराध करने वालों के लिए कड़ी सजा देना आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का सम्मान बना रहे और अपराधियों को चेतावनी मिल सके।


अदालत ने यह भी आदेश दिया कि पीड़िता को विशेष मुआवजा दिया जाए और उसकी मानसिक व सामाजिक सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। आरोपी पर लगाया गया दो लाख रुपये का जुर्माना भी पीड़िता को प्रदान किया जाएगा। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त पांच वर्ष का कारावास भुगतना होगा।


इस फैसले ने न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया, बल्कि समाज में बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति एक कड़ा संदेश भी भेजा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तत्परता ने साबित किया कि न्याय देर से भले मिले, पर अवश्य मिलता है। अदालत का यह निर्णय आने वाले समय में ऐसे अपराधों पर नियंत्रण और चेतावनी का काम करेगा। अदालत के आदेश के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और इसे कानून की जीत बताया। इस घटना ने हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और बच्चों के संरक्षण के महत्व को भी उजागर किया। मासूम के साथ हुई यह त्रासदी अब न्याय के रूप में एक उदाहरण बन गई है, जो भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम में मदद करेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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