उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहाँ पुलिस ने 48 दिन पुराना हत्या कांड का पर्दाफाश किया, वहीं इस वारदात की गहराई ने लोगों को चौंका के रख दिया है। मामला मेरठ के कुरैशियान फलावदा में रहने वाले मोहम्मद शहज़ाद का है, जो एक मस्जिद के इमाम हैं। इमाम ने 8 अक्टूबर को अपनी पत्नी नईमा यासमीन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पर इस रिपोर्ट के पीछे की हैवानियत का अंदाज़ा लगाना पुलिस के लिए भी मुश्किल था।


इमाम ने मुज़फ्फरनगर के चरथावल थाने में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस को बताया था के पत्नी नईमा 16 सितम्बर को लापता हुई। लेकिन मामला तब पलटा जब जानी थाना क्षेत्र के सिवालखास में, 17 सितम्बर को गंगनहर पटरी के पास पुलिस को एक 35 वर्षीय महिला का शव मिला। जांच के बाद जब पुलिस ने हत्या मामला दर्ज किया। हत्या के बाद चालाकी दिखते हुए इमाम मुज़फ्फरनगर को लौट गया और कुछ दिन बाद यानी 8 अक्टूबर को पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करने चला गया।


मेरठ पुलिस की जांच पड़ताल में जब उन्होंने मुज़फ्फरनगर और आस पास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्टों को आपस में जोड़ा, तब उन्हें आभास हुआ की यह शव एक गुमशुदा महिला से मिलता है। बाद में जब मुज़फ्फरनगर पुलिस की तस्वीरों की जांच की गई, तो यह पक्का हो गया कि शव नईमा यासमीन का ही था। पुलिस ने आगे की जांच में ये पता लगाया की नईमा पहले से तलाकशुदा थीं और असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली थीं। नईमा डिब्रूगढ़ की ग्रेजुएट थी और मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर चुकी थी।


इमाम शहज़ाद से नईमा सोशल मीडिया पर मिली थी, और इमाम ने उनसे झूठ कहा था की वो कपड़े का व्यापारी है। इसके साथ ही इमाम ने एक और राज़ नईमा से छुपा के रखा था जिसके पता लगते ही, नईमा को अपनी ज़िन्दगी से हाथ धोना पड़ा। इमाम ने नईमा से ये छुपाए रखा की वो पहले से शादी-शुदा है और उसके 3 बच्चे हैं। यहाँ तक की उसने नईमा को अपनी पढ़ाई के बारे में झूठ कहा जबकि असल में वो सिर्फ पांचवी कक्षा तक पढ़ा था। पुलिस के हिसाब से इमाम की पहली पत्नी और बच्चे मेरठ में ही रहते थे, जब नईमा को इस बात का पता लगा तब उसने इमाम से जवाब मांगे।


परेशान होकर इमाम ने नईमा को ख़त्म करने का फैसला लिया। इमाम ने इसमें अपने दोस्त नदीम से मदद मांगी और 12 हज़ार रूपए देने का वादा किया। 16 सितम्बर को इमाम नदीम को भी बुला लिया। ने शॉपिंग के बहाने नईमा को मेरठ लेकर गया और साथ में नदीम को भी बुला लिया। दोनों नईमा के साथ टेंपो में बैठकर जानी इलाके के गंगा नहर ट्रैक की तरफ गए। वहां पहुँचने के बाद इमाम ने नईमा के जूस में नींद की गोलियाँ मिला दीं, नईमा के बेहोश होने के बाद दोनों आदमी उसे पास के खेत में लेकर गए। खेत में पहुँचने के बाद बिना समय गवाए नदीम ने नईमा का गाला रस्सी से घोंट दिया और इमाम ने ने चाकू से उसका गला काट दिया। दोनों ने इसके बाद नईमा के शव को नदी में फेक दिया और वहां से तुरंत भाग गए।


SSP विपिन ताड़ा ने बताया की इस वारदात की जाँच के लिए दो टीम लगाए गए थे। उन्होंने यह भी बताया की मेरठ में जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आसपास के जिलों की टीमों से संपर्क किया। इसी दौरान उन्हें मुज़फ्फरनगर में दर्ज नैमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली, जो केस में एक बड़ी अहम कड़ी साबित हुई। इसके बाद शहज़ाद और नदीम दोनों को गिरफ्तार किया गया और उनसे कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध कबूल कर लिया और बताया कि हत्या की पूरी योजना कैसे बनाई गई और उसे कैसे अंजाम दिया गया। SSP के मुताबिक नईमा अपने मायके जाने की बात कर रही थी, लेकिन शहज़ाद उसे रोकना चाहता था। जब नईमा नहीं मानी और उससे बहस हुई, तो शहज़ाद ने उसकी हत्या की योजना बना ली।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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