मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। मामूली बात पर गुस्साई मां ने अपने सात वर्षीय बेटे को बेलन से इतनी बेरहमी से पीटा कि मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि गुस्से का यह रूप कैसे एक मां को अपने ही बच्चे की जिंदगी छीनने पर मजबूर कर सकता है।

जानकारी के अनुसार, घटना दहानू इलाके की है। पुलिस ने बताया कि सात वर्षीय मासूम ने अपनी मां से खाने में चिकन बनाने की जिद की थी। इसी बात पर मां भड़क उठी और रोटी बेलने वाले बेलन से बच्चे को पीटना शुरू कर दिया। सिर और शरीर पर लगातार पड़ी चोटों से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

हैरानी की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मां ने बेटे को अस्पताल नहीं पहुंचाया। इलाज के अभाव में बच्चे की हालत और खराब होती गई और अंततः उसने घर पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आसपास के लोगों को जब संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को तत्काल हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पिटाई में इस्तेमाल किया गया बेलन भी बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला अपने पति से अलग रह रही थी और दो बच्चों तथा अपनी दो बहनों के साथ उसी घर में रहती थी। मृतक बच्चे की दस वर्षीय बहन भी मौके पर डरी और सहमी हुई मिली। फिलहाल पुलिस ने उस बच्ची को दहानू के एक आश्रम में भेज दिया है ताकि उसकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बेटे की मौत की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि गुस्से में आकर उसने बच्चे को पीटा, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि परिणाम इतना भयावह होगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के पीछे और भी कोई कारण हो सकता है, जिसकी जांच आवश्यक है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चे की मौत की सच्चाई का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। जांच इस बात पर केंद्रित है कि मौत केवल पिटाई से हुई, या इलाज में लापरवाही अथवा किसी और वजह से। फिलहाल आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। लोग स्तब्ध हैं कि एक मां, जो अपने बच्चों की रक्षा और पालन-पोषण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी निभाती है, वही गुस्से के अंधेरे में इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है।

पालघर की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गहरी चेतावनी है। बच्चों के साथ हिंसा की यह भयावह मिसाल कानून व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और पूरे क्षेत्र की निगाहें इस मामले में आने वाले निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं। फिलहाल मासूम की मौत ने पूरे इलाके को शोक और सदमे में डाल दिया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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