अंगडिया कर्मचारी से 2.5 करोड़ की लूट : मुंबई क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लुटेरों ने कार का दरवाजा खोलते ही कर्मचारियों पर हमला कर दिया, उन्हें रस्सियों से बांध दिया और बैग में रखे करीब 2.5 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए।

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बीते हफ्ते हुए 2.5 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूटकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। शहर की अपराध शाखा ने इस मामले के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर अपराधियों के नेटवर्क की परतें खोलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह वारदात दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले गिरगांव इलाके में हुई थी, जब हथियारों से लैस चार अज्ञात लुटेरों ने अंगडिया कंपनी के कर्मचारियों की कार को रोककर उन्हें बंधक बना लिया और करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए थे।
पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी इब्राहिम शेख (40) मुम्ब्रा का निवासी और मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है। अपराध शाखा की यूनिट 2 ने मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसे दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल अन्य फरार आरोपियों का सुराग मिलेगा, बल्कि उस व्यक्ति की भी पहचान हो पाएगी जिसने गिरोह को यह गुप्त सूचना दी थी कि अंगडिया कर्मचारी करोड़ों रुपये लेकर जा रहे हैं।
पिछले बुधवार की दोपहर जब शहर की व्यस्त सड़कों पर आम लोग अपने काम में जुटे थे, तभी गिरगांव इलाके में यह वारदात घटित हुई। शिकायत के अनुसार, अंगडिया कंपनी के दो कर्मचारी कार में सवार होकर एक जगह से दूसरी जगह रकम ले जा रहे थे। तभी अचानक हथियारों से लैस चार नकाबपोश बदमाशों ने कार को रोका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लुटेरों ने कार का दरवाजा खोलते ही कर्मचारियों पर हमला कर दिया, उन्हें रस्सियों से बांध दिया और बैग में रखे करीब 2.5 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई और आरोपी फरारी में सफल हो गए।
लूटकांड के बाद शहर की पुलिस और अपराध शाखा दोनों हरकत में आ गए। मामला बेहद संगीन और रकम भारी होने के कारण इसे उच्च प्राथमिकता पर लिया गया। पुलिस ने मौके से मिले सुरागों के आधार पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, आसपास के लोगों से पूछताछ की और तकनीकी विश्लेषण की मदद ली। जांच में सामने आया कि इस वारदात में शामिल गिरोह ने कई दिनों तक कर्मचारियों की गतिविधियों पर नज़र रखी थी और पूरी योजना के साथ इस घटना को अंजाम दिया था।
कानूनी दृष्टि से यह मामला गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत लूट, मारपीट, बंधक बनाना और हथियारों का अवैध इस्तेमाल जैसे अपराध शामिल किए हैं। इस वारदात से जुड़ी धाराओं में लंबे कारावास और कड़ी सजा का प्रावधान है। शिकायत में दर्ज विवरण के अनुसार, कर्मचारियों को न केवल धमकाया गया बल्कि शारीरिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया। यह तथ्य वारदात को और अधिक गंभीर बना देता है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी इब्राहिम शेख से पूछताछ जारी है। पुलिस को संदेह है कि वह इस पूरे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है और बाकी आरोपियों की गतिविधियों तथा उनकी पहचान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। साथ ही, जिस व्यक्ति ने गिरोह को यह गुप्त सूचना दी थी, उसकी तलाश भी पुलिस की प्राथमिकता है। माना जा रहा है कि बिना अंदरूनी जानकारी के इस तरह की वारदात को अंजाम देना लगभग असंभव था।
अपराध शाखा अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों और बाहरी राज्यों से जुड़े गिरोहों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन, हथियार और फरारी के रास्तों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने कई जगह छापे भी मारे हैं।
इस घटना ने न केवल अंगडिया कारोबारियों में खौफ का माहौल पैदा किया है, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अंगडिया प्रणाली लंबे समय से व्यापारियों और ज्वैलर्स के लिए नकदी व कीमती सामान ले जाने का भरोसेमंद माध्यम रही है। लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब इस व्यवस्था की सुरक्षा पर्याप्त है।
मुंबई पुलिस आयुक्तालय के उच्च अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले की गहन जांच चल रही है और जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। वहीं, अंगडिया संघ के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इब्राहिम शेख की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। जांच अधिकारी अब उससे पूछताछ कर गिरोह की पूरी कड़ी तक पहुंचने की कोशिश में हैं। शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक शेष फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करती है।
इस लूटकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संगठित अपराधी गिरोह आज भी वित्तीय राजधानी में सक्रिय हैं और मौका पाते ही बड़े से बड़ा अपराध अंजाम देने से नहीं हिचकते। हालांकि पुलिस की तेज कार्रवाई ने यह भी संदेश दिया है कि कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं सकता।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
