मुंबई में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े मेवाड़ मूल के हजारों प्रवासी परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दे पर उदयपुर के महाराणा एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने महाराष्ट्र सरकार से राहत देने की मांग उठाई है। मेवाड़ की परंपरा के अनुरूप अपने लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संदेश देते हुए उन्होंने प्रवासी दुग्ध व्यवसायियों की चिंता को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है।

महाराणा विश्वराज सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर एफडीए द्वारा खुले दूध के व्यवसाय के लिए लागू किए गए नए नियमों के पालन के लिए 9 माह की समय-सीमा देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में वर्षों से दुग्ध व्यवसाय कर रहे अधिकांश मेवाड़वासी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं और नई व्यवस्था के अचानक लागू होने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि मेवाड़ संभाग के राजसमंद, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा सहित नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के अनेक परिवार रोजगार के लिए महाराष्ट्र में रहकर दुग्ध व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ये परिवार अपने भविष्य को लेकर मानसिक तनाव और गहरी चिंता का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें नई तकनीकी व्यवस्था, पैकेजिंग और अन्य आवश्यक संसाधन विकसित करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना चाहिए।

विधायक विश्वराज सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि महाराष्ट्र सरकार 9 माह की मोहलत प्रदान करती है, तो सभी दुग्ध व्यवसायी महाराष्ट्र सरकार एवं एफडीए की गाइडलाइन के अनुरूप स्वयं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर नियमों का पूर्ण पालन कर सकेंगे।

प्रवासी मेवाड़वासियों ने महाराणा द्वारा अपनी आजीविका और हितों की रक्षा के लिए उठाई गई इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम मेवाड़ के लोगों के प्रति महाराणा विश्वराज सिंह की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का परिचायक है तथा प्रवासी समाज की चिंता को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास भी है।

मनीष पालीवाल

मनीष पालीवाल

मनिष पालीवाल, मुंबई स्थित अनुभवी पत्रकार हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग में माहिर हैं। अपनी गहन जांच और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनिष हमेशा ताजा और विश्वसनीय समाचार पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनके लेखों में निष्पक्षता, तथ्यपरक विश्लेषण और स्थानीय घटनाओं की गहराई दिखाई देती है, जिससे पाठकों को समाचार का पूरा परिप्रेक्ष्य समझ में आता है। प्रात:काल में, मनिष पालीवाल की रिपोर्टिंग ने पाठकों के बीच विश्वास और लोकप्रियता दोनों ही अर्जित की है। मुलरुप से पालीवाल मेवाड़ नाथद्वारा क्षेत्र के केसुली गांव के निवासी है। यह दै.प्रात:काल के साथ 2003 से कार्यरत है।


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