Restaurant for Dementia patients in Japan : जापान के टोक्यो में एक ऐसा अनोखा रेस्टोरेंट है, जो खाने और परोसने की सामान्य परंपरा से बिलकुल अलग है। इसका नाम ही ‘Restaurant of Mistaken Orders’ है, और यहां मुख्य उद्देश्य केवल भोजन परोसना नहीं, बल्कि सहानुभूति, संवेदनशीलता और सामाजिक समावेशन का संदेश फैलाना है। इस रेस्टोरेंट में अधिकांश वेटर और वेट्रेस डिमेंशिया जैसी संज्ञानात्मक कमजोरियों से जूझ रहे हैं। इस वजह से ऑर्डर गलत जाना आम बात है, लेकिन यह अनुभव ग्राहकों के लिए एक प्रेरणादायक सामाजिक शिक्षा बन जाता है।

यह पहल 2017 में शुरू हुई थी। इसके पीछे विचारक शिरो ओगुनी हैं, जिन्होंने एक गृह‑आश्रय (group home) में देखा कि डिमेंशिया के मरीज भी रोजमर्रा के काम कर सकते हैं, लेकिन समाज उन्हें भूल चुका है। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस अनुभव को सार्वजनिक प्लेटफार्म पर लाया जाए। इस तरह ‘Restaurant of Mistaken Orders’ की शुरुआत हुई, जो केवल भोजन परोसने की जगह नहीं बल्कि सामाजिक समावेशन का प्रतीक बन गई।

इस रेस्टोरेंट का अनुभव बेहद अनोखा है। जब ग्राहक ऑर्डर देते हैं, तो हो सकता है कि उन्हें वही न मिले। इसके बावजूद, हर गलती पर मुस्कान और मदद की भावना देखने को मिलती है। वेटर कभी-कभी स्वयं मेज़ पर जाकर सेवा देते हैं, कॉफी या मिर्च पिसाने की कोशिश करते हैं। यदि वे चूक जाते हैं, तो ग्राहक स्वयं मदद करते हैं और कहते हैं, “कोई बात नहीं, यह ठीक है।” आंकड़ों के अनुसार, यहां लगभग 37% ऑर्डर गलत होते हैं, लेकिन 99% ग्राहक अपनी डिनर एक्सपीरियंस से संतुष्ट रहते हैं।


यह रेस्टोरेंट सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जापान में अनुमान है कि 2025 तक हर पाँच में से एक व्यक्ति डिमेंशिया से प्रभावित होगा। यह रेस्टोरेंट दिखाता है कि कमजोर दिमाग़ वाले लोग भी सामाजिक जीवन का हिस्सा हो सकते हैं, सक्रिय रह सकते हैं और सम्मान के साथ काम कर सकते हैं। शिरो ओगुनी के अनुसार, “डिमेंशिया किसी व्यक्ति की पहचान नहीं होती, यह बस उनकी स्थिति है।”

‘Restaurant of Mistaken Orders’ इस बात का प्रतीक है कि दिक्कतें और भूल‑चूक केवल कमज़ोरी नहीं हैं, बल्कि उन्हें समझना और स्वीकारना इंसानों में सहानुभूति और गरिमा बनाए रखता है। यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव और गर्मजोशी का संदेश फैलाती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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