राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले के देलवाड़ा ब्लॉक स्थित ऐतिहासिक ग्राम केसुली में इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव का पर्व अभूतपूर्व उत्साह और अपार जनसमूह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। ग्राम के सुप्रसिद्ध एवं प्राचीन श्री बेड़ापार बालाजी मंदिर में आयोजित इस महोत्सव ने समूचे परिक्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। श्री बेड़ापार बालाजी मित्र मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर धर्म लाभ अर्जित किया।

इस वृहद आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु श्री बेड़ापार बालाजी मित्र मंडल के कार्यकर्ता विगत एक माह से पूर्ण निष्ठा के साथ तैयारियों में जुटे थे। मंदिर परिसर की साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र रही, जहां रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा और पुष्पों से पूरे परिसर को दुल्हन की भांति सजाया गया। सुरक्षा व्यवस्था और सुचारू प्रबंधन के लिए मंडल के स्वयंसेवकों ने दिन-रात समर्पित होकर कार्य किया। जन्मोत्सव के पावन अवसर पर बालाजी महाराज का विशेष मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसके लिए विशेष रूप से बाहर से कुशल कारीगर बुलाए गए थे। स्वर्ण-चांदी के वर्क और ताजे पुष्पों से सुसज्जित प्रभु का विग्रह इतना अलौकिक था कि भक्तगण भावविभोर हो उठे।

संध्या काल में आयोजित सामूहिक महाआरती इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें सैकड़ों दीपों की लौ के बीच श्रद्धालुओं ने सामूहिक स्वर में बालाजी की स्तुति की। तत्पश्चात, उपस्थित जनसमूह के मध्य महाप्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर गांव की स्थापना के समय से ही अस्तित्व में है। ग्रामीणों की अटूट मान्यता है कि गांव पर आने वाली किसी भी प्राकृतिक विपदा या व्यक्तिगत संकट का निवारण बालाजी महाराज तत्काल कर देते हैं। प्रत्येक बिगड़े कार्य को पूर्ण करने और भक्तों का उद्धार करने की अटूट ख्याति के कारण ही इन्हें 'बेड़ापार हनुमान' के नाम से पूजा जाता है। इस महोत्सव में मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर मित्र मंडल ने सभी सहयोगियों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले दर्शनार्थियों का आभार व्यक्त किया।

मनीष पालीवाल

मनीष पालीवाल

मनिष पालीवाल, मुंबई स्थित अनुभवी पत्रकार हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग में माहिर हैं। अपनी गहन जांच और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनिष हमेशा ताजा और विश्वसनीय समाचार पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनके लेखों में निष्पक्षता, तथ्यपरक विश्लेषण और स्थानीय घटनाओं की गहराई दिखाई देती है, जिससे पाठकों को समाचार का पूरा परिप्रेक्ष्य समझ में आता है। प्रात:काल में, मनिष पालीवाल की रिपोर्टिंग ने पाठकों के बीच विश्वास और लोकप्रियता दोनों ही अर्जित की है। मुलरुप से पालीवाल मेवाड़ नाथद्वारा क्षेत्र के केसुली गांव के निवासी है। यह दै.प्रात:काल के साथ 2003 से कार्यरत है।


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