मार्गशीर्ष (अगहन) माह की दर्श अमावस्या ने इस बार मालाड पश्चिम स्थित श्री साईं दर्शन मंदिर को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर कर दिया। श्री साईं दर्शन मंदिर ट्रस्ट परिवार एवं महिला समिति द्वारा हर अमावस्या की तरह इस पावन तिथि पर भी सामूहिक दादी मंगल पाठ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं और पुरुष भक्तों ने भाग लिया।

सुबह से ही मंदिर परिसर में रानी सती दादी नारायणी देवी की सुगंधित पुष्पों और पारंपरिक पूजा सामग्रियों से की गई आकर्षक झांकी देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला भक्तों ने परंपरा के अनुरूप स्वयं अपने हाथों से दादी का श्रृंगार कर दिव्य वातावरण का सृजन किया। राजस्थान के झुंझुनू जिले में प्रतिष्ठित नारायणी देवी के मुंबई में रहने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस मंदिर में स्थापित दादी की प्रतिमा पर दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।

साईं दर्शन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र खेतान ने बताया कि दर्श अमावस्या पर उपस्थित पवित्र संयोगों के कारण इस बार महिलाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। महिला मंडल की ओर से आयोजित सामूहिक मंगल पाठ में दोपहर से लेकर शाम तक भक्ति का प्रवाह निरंतर बना रहा। ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ आरंभ हुए इस महोत्सव में भजन गायक सुरेश तिवारी एवं उनकी मंडली ने सुमधुर भजनों के माध्यम से माहौल को और भी श्रद्धामय बना दिया।

शाम सात बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में महिला मंडल की आशा परसरामपुरिया, वीणा फतेहचंदका, सुषमा टिबरेवाल, रचना गनेरीवाला, जिया पोद्दार, दीपाली मित्तल, दक्षा शर्मा, वीना मालपानी, मीनू पोद्दार, मंजू खेतान, विरजा टिबरेवाल, सुनीता खेतान, उर्मिला अग्रवाल, मीनू परसरामपुरिया, विभाबेन सहित अनेक महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल रहीं।

मार्गशीर्ष दर्श अमावस्या पर आयोजित यह दादी मंगल पाठ न केवल मुंबई में बसे राजस्थानियों की आस्था का प्रतीक बना, बल्कि विश्व शांति और लोक कल्याण के संकल्प को भी सशक्त रूप में स्थापित करता दिखा।

Seema Pareek

Seema Pareek

सीमा पारीक मुंबई आधारित पत्रकार हैं जो अपने गहन शोध और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने समाज, राजनीति और स्थानीय खबरों पर कई महत्वपूर्ण लेख तैयार किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है, ताकि वे घटनाओं की पूरी तस्वीर समझ सकें। सीमा की रिपोर्टिंग में निष्पक्षता, तथ्यात्मकता और गहराई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

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