NCW का नया हेल्पलाइन 14490; खतरे में हर पल मिलेगी मदद
NCW ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए नया 24×7 शॉर्ट-कोड हेल्पलाइन नंबर 14490 लॉन्च किया। यह टोल-फ्री नंबर महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न और साइबर हैरेसमेंट जैसी समस्याओं पर तुरंत मदद प्रदान करेगा। देशभर में यह पहल महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को मजबूत करेगी।

NCW 14490 helpline launch
नेशनल कमीशन फॉर वीमेन (NCW) ने सोमवार को देशभर की महिलाओं को तत्काल मदद उपलब्ध कराने के लिए नया 24×7 शॉर्ट-कोड हेल्पलाइन नंबर 14490 लॉन्च किया। यह टोल-फ्री नंबर NCW की मौजूदा हेल्पलाइन 7827170170 से जुड़ा हुआ है और महिलाओं के लिए आसान, तेज़ और खर्च-मुक्त मदद का रास्ता प्रदान करता है।
नए नंबर का उद्देश्य उन महिलाओं की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करना है जो किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अन्य संकट की स्थिति का सामना कर रही हैं। हेल्पलाइन न केवल सलाह देती है, बल्कि संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करके समय पर दखल देने में भी मदद करती है।
NCW के अनुसार, हर साल हजारों शिकायतें दर्ज होती हैं, जिनमें घरेलू हिंसा, साइबर हैरेसमेंट, दहेज उत्पीड़न और अन्य जेंडर-बेस्ड अपराध शामिल हैं। कई मामलों में ये महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति पर भी गहरा असर डालते हैं। ऐसे मामलों में हेल्पलाइन में प्रोफेशनली ट्रेन किए गए साइकोलॉजिकल काउंसलर्स उपलब्ध रहते हैं, जो महिलाओं को सुरक्षित और संरचित तरीके से ट्रॉमा से निपटने में सहायता करते हैं।
महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए देश की सबसे बड़ी नेशनल बॉडी के रूप में NCW पॉलिसी सिफारिशों, कानूनी मूल्यांकन और मौजूदा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जेंडर-बेस्ड भेदभाव को कम करने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने पर कार्यरत है।
एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2023 में पूरे भारत में महिलाओं के खिलाफ लगभग 4.5 लाख अपराध दर्ज हुए। दिल्ली लगातार तीसरे वर्ष महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित “मेगा सिटी” बनी रही। अन्य राज्यों में, उत्तर प्रदेश में 66,381, महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामले दर्ज हुए।
इस पहल से महिलाओं को न केवल तत्काल सहायता और सुरक्षा मिलेगी, बल्कि डिजिटल और फिजिकल माध्यम से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञ इसे महिलाओं के डिजिटल अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
