नालासोपारा से तुंगारेश्वर तक भव्य कावड़ यात्रा, एकता और सेवा का संदेश
नालासोपारा के नालेश्वरनाथ मंदिर से तुंगारेश्वर महादेव मंदिर तक 10 अगस्त 2026 को भव्य कावड़ यात्रा निकली। पांच वर्ष पूरे कर चुके इस आयोजन में सेवा, भक्ति और एकता का संदेश दिया गया।

तस्वीर में श्री रूपनारायण गुरुकुल सेवा समिति के सेवाभावी कार्यकर्ता और कावड़िया नालासोपारा से तुंगारेश्वर महादेव मंदिर मार्ग पर स्थित मंदिर परिसर में एकत्रित होकर खड़े नजर आ रहे हैं।
मुंबई में श्री रूपनारायण गुरुकुल सेवा समिति व्हाट्सएप ग्रुप की ओर से “एकता की मिसाल” अभियान के तहत नालासोपारा स्थित नालेश्वरनाथ मंदिर से तुंगारेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। 10 अगस्त 2026 को आयोजित इस यात्रा ने अपने पांच वर्ष पूरे किए।
यात्रा में बड़ी संख्या में महादेव प्रेमी कावड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कावड़ियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महादेव का जयघोष करते हुए यात्रा पूरी की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मुंबई जैसे महानगर में रहते हुए भी सनातन संस्कृति, सेवा, भक्ति और आपसी एकता की भावना को मजबूत करना रहा।
इस आयोजन को सफल बनाने में चांदी बाई, नीम बाई, भूरालाल, ललित, दीपक, प्रकाश, सोनू, सागर, जयेश, प्रीतम, कृष्णा, प्रतीक एवं मीत सहित सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यात्रा के दौरान कावड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए चाय-कॉफी, फ्रूट सलाद सहित विभिन्न प्रकार के प्रसाद एवं सेवा की व्यवस्था की गई। भोजन प्रसाद में कमलेश भाई, पृथ्वीराज जी पंडिया, आकोदारा अन्नपूर्णा कैटरर्स, विले पार्ले ईस्ट सहित अनेक सेवाभावी लाभार्थियों का सहयोग प्राप्त हुआ।
आयोजकों ने कहा कि मुंबई में व्यस्त जीवन के बीच “एक दिन, कुछ घंटे—तन की सेवा महादेव जी के नाम” के संकल्प के साथ समाज को सेवा, समर्पण और एकता से जोड़ना ही इस अभियान का उद्देश्य है।
श्री रूपनारायण गुरुकुल सेवा समिति का यह आयोजन केवल कावड़ यात्रा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भक्ति के साथ सेवा और सेवा के साथ एकता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं में पूरे आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और आनंद देखने को मिला।

मनीष पालीवाल
मनिष पालीवाल, मुंबई स्थित अनुभवी पत्रकार हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग में माहिर हैं। अपनी गहन जांच और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनिष हमेशा ताजा और विश्वसनीय समाचार पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनके लेखों में निष्पक्षता, तथ्यपरक विश्लेषण और स्थानीय घटनाओं की गहराई दिखाई देती है, जिससे पाठकों को समाचार का पूरा परिप्रेक्ष्य समझ में आता है। प्रात:काल में, मनिष पालीवाल की रिपोर्टिंग ने पाठकों के बीच विश्वास और लोकप्रियता दोनों ही अर्जित की है। मुलरुप से पालीवाल मेवाड़ नाथद्वारा क्षेत्र के केसुली गांव के निवासी है। यह दै.प्रात:काल के साथ 2003 से कार्यरत है।
