मीरा-भायंदर में संपन्न हुई त्रिदिवसीय राम कथा, श्रद्धालुओं ने लिया भाग
श्री श्याम सेवा ट्रस्ट और प्रणवाश्रम संचालन एवं विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संत निवृत्ति नाथ महाराज ने प्रवचन दिए।

मीरा-भायंदर के सप्तेश्वर मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय राम कथा के समापन पर उपस्थित श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य।
मीरा-भायंदर स्थित सप्तेश्वर मंदिर में 29, 30 एवं 31 मई तक संत निवृत्ति नाथ महाराज के श्रीमुख से त्रिदिवसीय राम कथा का पावन आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति और आस्था के इस महाकुंभ का शुभारंभ प्रथम दिवस पर भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने भारी संख्या में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान उपस्थित भक्तों के लिए छाछ की विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामायण जी की पवित्र पोथी का विधिवत पूजन हुआ, जिसके पश्चात यजमानों ने संत निवृत्ति नाथ महाराज का भावपूर्ण स्वागत कर कथा का श्रीगणेश किया।
दोपहर 3 बजे से शुरू हुई राम कथा ने आयोजन स्थल को भक्तिरस के सागर में डुबो दिया। संत निवृत्ति नाथ महाराज ने अपने सारगर्भित प्रवचनों के माध्यम से स्पष्ट किया कि कलियुग में राम कथा अमृत के समान क्यों है। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि राम कथा का श्रवण किस प्रकार मनुष्य को भौतिक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है तथा जीवन की गंभीर पीड़ाओं को दूर कर परम शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह आयोजन श्री श्याम सेवा ट्रस्ट, भायंदर तथा प्रणवाश्रम संचालन एवं विकास समिति, गनेडी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। त्रिदिवसीय कथा का समापन व्यासपीठ की महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने आयोजन को एक दिव्य परिणति प्रदान की।

