आईआईएफएल फाउंडेशन को राजस्थान सरकार का भामाशाह पुरस्कार, टॉप-5 में मिली जगह
उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने संस्थापिका मधु जैन लोढा को सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए सम्मानित किया।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, आईआईएफएल फाउंडेशन की संस्थापिका मधु जैन लोढा को मंच पर सम्मानित करते हुए।
शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुंबई स्थित आईआईएफएल फाउंडेशन को राजस्थान सरकार के प्रतिष्ठित भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फाउंडेशन को यह सम्मान जयपुर में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा तथा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन की संस्थापिका मधु जैन लोढा को यह पुरस्कार औपचारिक रूप से प्रदान किया गया। आईआईएफएल फाउंडेशन ने इस वर्ष राज्य के टॉप-5 भामाशाह पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में स्थान हासिल किया है।
फाउंडेशन ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उदयपुर, सलूम्बर, सिरोही और बारां के सरकारी विद्यालयों में कक्षाओं का निर्माण, शौचालय, सोलर पैनल, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, फर्नीचर, वॉटर कूलर, स्कूल बैग सहित अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही बारां जिले में एक नए विद्यालय भवन का निर्माण कार्य भी जारी है।
सिरोही जिले के दुर्गम उतराज गाँव तक कई किलोमीटर पैदल चलकर सोलर पैनल और फर्नीचर पहुँचाने का कार्य भी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इन व्यापक प्रयासों के चलते आईआईएफएल फाउंडेशन को राज्य के टॉप-5 भामाशाह सम्मानित संस्थानों में शामिल किया गया है।
यह सम्मान शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है, जो ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में शैक्षणिक विकास को नई दिशा प्रदान करता है।

मनीष पालीवाल
मनिष पालीवाल, मुंबई स्थित अनुभवी पत्रकार हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग में माहिर हैं। अपनी गहन जांच और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले मनिष हमेशा ताजा और विश्वसनीय समाचार पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। उनके लेखों में निष्पक्षता, तथ्यपरक विश्लेषण और स्थानीय घटनाओं की गहराई दिखाई देती है, जिससे पाठकों को समाचार का पूरा परिप्रेक्ष्य समझ में आता है। प्रात:काल में, मनिष पालीवाल की रिपोर्टिंग ने पाठकों के बीच विश्वास और लोकप्रियता दोनों ही अर्जित की है। मुलरुप से पालीवाल मेवाड़ नाथद्वारा क्षेत्र के केसुली गांव के निवासी है। यह दै.प्रात:काल के साथ 2003 से कार्यरत है।
