BJP president list : जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा 14 दिसंबर को होने वाली है, राजनीतिक गलियारों में पार्टी की नेतृत्व संरचना और उसकी जातिगत बनावट पर चर्चा तेज हो गई है। यह सवाल कि किस जाति के नेताओं ने सबसे अधिक बार पार्टी की कमान संभाली है, आज भी प्रासंगिक है।

बीजेपी के इतिहास में नेशनल लीडरशिप पर हमेशा जनरल या ऊंची जातियों का दबदबा रहा है। पार्टी के अब तक के कुल 11 राष्ट्रीय अध्यक्षों में से नौ ऐसे नेता रहे हैं जिनका सामाजिक वर्ग ऊंची जातियों से आता है। केवल एक बार, वर्ष 2000 में, बांगरू लक्ष्मण दलित समुदाय से भाजपा अध्यक्ष बने, जिसे संगठन में सामाजिक प्रतिनिधित्व के एक प्रतीकात्मक बदलाव के रूप में देखा गया।

बीजेपी के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने 1980 में पार्टी की कमान संभाली। वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में पार्टी की नींव को मजबूती प्रदान की और इसे राष्ट्रीय राजनीति में एक स्थिर पहचान दिलाई। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी ने 1986-1990, 1993-1998 और 2004-2005 में तीन बार पार्टी की अध्यक्षता संभाली, और राम रथ यात्रा जैसे राजनीतिक आंदोलन के माध्यम से पार्टी की राष्ट्रीय छवि को ऊंचा किया। मुरली मनोहर जोशी और कुशाभाऊ ठाकरे ने 1991-2000 के बीच संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया, खासकर उत्तर और मध्य भारत में पार्टी की पकड़ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अमित शाह के नेतृत्व में 2014 से 2020 तक पार्टी ने चुनावी विस्तार, कैडर रीस्ट्रक्चरिंग और राज्य स्तर पर दबदबे को नई ऊँचाई दी। वर्तमान में जगत प्रकाश नड्डा पार्टी के अध्यक्ष हैं, जो संगठन की स्थिरता और रणनीतिक दिशा को आगे बढ़ा रहे हैं।

जातिगत विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि ऊंची जातियों के नेताओं ने पार्टी में अब तक सबसे अधिक समय तक राष्ट्रीय नेतृत्व संभाला है। हालांकि, भाजपा ने सामाजिक और चुनावी दृष्टि से ओबीसी और दलित समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ाई है, फिर भी नेतृत्व में ऊंची जातियों का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह तथ्य भारतीय राजनीति में जातिगत समीकरणों और पार्टी की रणनीतिक संरचना की गहन समझ प्रदान करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story