दक्षिण मुंबई में आचार्यश्री तुलसी की मासिक पुण्यतिथि पर आत्मानुशासन का दिया संदेश, साध्वीवृंद ने गिनाए योगदान
मुंबई के कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आचार्यश्री तुलसी की मासिक पुण्यतिथि पर साध्वीवृंद ने उनके योगदान, संघ के विकास, अनुशासन और वात्सल्य के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मानुशासन का संदेश दिया।

कालबादेवी में आचार्यश्री तुलसी की मासिक पुण्यतिथि पर उपस्थित साध्वीवृंद।
दक्षिण मुंबई के कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में गणाधिपति पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री तुलसी की मासिक पुण्यतिथि श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाई गई। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दक्षिण मुंबई के तत्त्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आचार्यश्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी तथा सहवर्ती साध्वीवृंद का पावन सान्निध्य रहा। इस अवसर पर आचार्यश्री तुलसी के योगदान, अनुशासन, वात्सल्य और संघ के विकास में उनकी भूमिका को याद करते हुए आत्मानुशासन का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री के मंगल मंत्रोच्चार से हुआ। इसके बाद साध्वीवृंद ने आचार्यश्री तुलसी के व्यक्तित्व और कर्तृत्व पर प्रकाश डालते हुए संघ के विकास में उनके योगदान तथा अनुशासन और वात्सल्य के महत्त्व पर अपने विचार रखे।
शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा, “इतिहास का हर पन्ना पूज्य गणाधिपति के उपकारों से उपकृत है। उन्होंने साधु-साध्वियों के साथ-साथ श्रावक-श्राविकाओं की चेतना को भी जाग्रत किया। विकास की भूमिका को तेरापंथ समाज कभी नहीं भूलेगा।”
शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी ने आचार्यश्री तुलसी की मासिक पुण्यतिथि के अवसर पर कहा, “गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी ने संघ में विकास के द्वार खोल दिए। तेरापंथ के सभी आचार्यों का साहित्य सृजन कर तेरापंथ की नींव को मजबूती दी। वर्तमान में जो चारों ओर उपलब्धियाँ दिख रही हैं, उसका आधार एकमात्र अनुशासन और वात्सल्य रहा। उनकी संयम यात्रा से लाखों लोगों ने मार्गदर्शन प्राप्त किया।”
कार्यक्रम में साध्वीश्री उदितप्रभाजी, साध्वीश्री निर्भयप्रभाजी एवं साध्वीश्री चेलनाश्रीजी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं, दक्षिण मुंबई सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ ने सुमधुर गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया।
इस आयोजन में अनेक विशिष्ट श्रावक-श्राविकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित जनों ने पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री तुलसी के अवदानों का स्मरण किया और उनके आदर्शों, अनुशासन तथा आध्यात्मिक प्रेरणाओं को जीवन में आत्मसात करने का संदेश प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से संघ के विकास में आचार्यश्री तुलसी के योगदान और उनके अनुशासन एवं वात्सल्य आधारित दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। यह जानकारी सभा मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ एवं तेयुप दक्षिण मुंबई के उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
