56 दिन के जनसंघर्ष के बाद बड़ी सादड़ी में धरना स्थगित, जिंक अपशिष्ट हटने पर जनता का जताया आभार
बड़ी सादड़ी में 56 दिन बाद जिंक अपशिष्ट हटने पर संघर्ष समिति ने धरना स्थगित किया। हालांकि भूजल जांच और शेष अपशिष्ट हटाने की मांग अब भी जारी रहेगी।

तस्वीर में बड़ी सादड़ी में तंबू के नीचे मंच या बैठने की जगह पर बैठे हुए आंदोलनकारी और स्थानीय लोग नजर आ रहे हैं।
बड़ी सादड़ी में जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति द्वारा पिछले 56 दिनों से चलाया जा रहा जनआंदोलन शिकारवाड़ी एवं आतर वार्ड क्रमांक 23 क्षेत्र से जिंक अपशिष्ट हटाए जाने के बाद फिलहाल अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। समिति ने इस उपलब्धि को बड़ी सादड़ी की जनता की एकजुटता की जीत बताते हुए नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
समिति के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 26 मई को धरना-प्रदर्शन से हुई थी। इसके बाद 30 मई को स्वैच्छिक व्यापार बंद का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि मंडी, सब्जी मंडी, व्यापारिक प्रतिष्ठानों सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आंदोलन को लगातार मिलते जनसमर्थन के चलते प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः शिकारवाड़ी एवं आतर वार्ड क्रमांक 23 क्षेत्र से जिंक अपशिष्ट हटाया गया।
संघर्ष समिति ने बताया कि आंदोलन के दौरान कई कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे और नगरहित में अपना योगदान दिया। वहीं बड़ी संख्या में प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया ने आंदोलन को मजबूती प्रदान की। अनेक नागरिकों ने आर्थिक सहयोग देकर जनआंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने बड़ी सादड़ी के सभी सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक, किसान, युवा संगठनों, सर्व समाज, जनप्रतिनिधियों, मीडिया तथा सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया।
समिति के अनुसार आदर्श विद्या निकेतन विद्यालय परिसर में अभी भी लगभग 5 से 7 डंपर जिंक अपशिष्ट होने की संभावना है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन द्वारा उसे नहीं उठाने की बात कही गई है।
समिति ने बताया कि रेलवे क्षेत्र के कुछ स्थानों पर अभी भी जिंक अपशिष्ट मौजूद है। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से हुई चर्चा में उन्होंने बताया कि वहां भूमिगत बिजली की लाइनें एवं अन्य तकनीकी संरचनाएं होने के कारण अत्यंत सावधानी के साथ कार्य किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रेलवे अपने स्तर पर जिंक अपशिष्ट हटाने की कार्रवाई कर रहा है तथा इस मामले में संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
संघर्ष समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि यदि कहीं भी जिंक अपशिष्ट दिखाई दे या उसकी जानकारी हो तो तत्काल समिति को सूचित करें, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उसे हटाने की कार्रवाई कराई जा सके।
समिति ने कहा कि जिंक अपशिष्ट हटाए जाने के बावजूद जिन स्थानों पर यह मलबा लंबे समय तक पड़ा रहा, वहां की मिट्टी एवं भूजल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसी को देखते हुए संघर्ष समिति वाटर वर्क्स एवं संबंधित विभागों से पेयजल और भूजल की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग करेगी, ताकि नगरवासियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
समिति ने स्पष्ट किया कि धरना फिलहाल अग्रिम आदेश तक स्थगित किया गया है, लेकिन बड़ी सादड़ी के पर्यावरण, स्वच्छ जल और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर निगरानी और संघर्ष आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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