निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)। युगदृष्टा स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आज निम्बाहेड़ा स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल (SVGMS) का परिसर नई ऊर्जा और संकल्पों से सराबोर नजर आया। विद्यालय में 'करियर डे' और 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसने न केवल विद्यार्थियों को भविष्य की राह दिखाई, बल्कि उन्हें आधुनिक युग के सबसे बड़े खतरे यानी साइबर अपराध से निपटने के लिए सशक्त भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ हुई, जहाँ वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र की शक्ति बताते हुए उन्हें अपने भीतर की क्षमताओं को पहचानने का आह्वान किया।

समारोह के मुख्य अतिथि एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मुंदड़ा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन किसी एक कालखंड के लिए नहीं, बल्कि अनंत काल के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सत्यनिष्ठा और सेवा ही वह मार्ग है, जिससे भारत फिर से विश्व गुरु बन सकता है। मुंदड़ा ने शिक्षा के साथ-साथ चारित्रिक उत्थान पर जोर देते हुए युवाओं को अनुशासन का महत्व समझाया।

डिजिटल युग की चुनौतियों को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम में ए एस आई सूरज कुमार ने साइबर सुरक्षा पर एक विशेष सत्र लिया। उन्होंने बेहद ही संजीदगी के साथ छात्र-छात्राओं को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति सचेत किया। उन्होंने बताया कि कैसे अनजाने में किया गया एक क्लिक विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी, फ़िशिंग और मैलवेयर का शिकार बना सकता है। उन्होंने डिजिटल साक्षरता पर बल देते हुए सुझाव दिया कि मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और सुरक्षित वाई-फाई का उपयोग आज की अनिवार्य जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस या बैंक कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी या पैसों की मांग नहीं करते। किसी भी प्रकार की साइबर घटना होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का सहारा लेने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्राचार्य अनिल सोमानी ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की शपथ दिलाई। उन्होंने अपने संबोधन में दोहराया कि बिना अनुशासन और निरंतर अभ्यास के लक्ष्य प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में करियर चयन के साथ-साथ अपनी डिजिटल गरिमा को बनाए रखना भी सफलता का हिस्सा है।

पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन बंशी लाल धाकड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। करियर संबंधी विभिन्न सत्रों में विद्यार्थियों ने न केवल उत्साह दिखाया, बल्कि अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। यह आयोजन शिक्षा, संस्कार और सुरक्षा के त्रिवेणी संगम के रूप में संपन्न हुआ, जिसने युवाओं को नई दिशा प्रदान की।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story