चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव 2025 में इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। राजस्थान के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित इस महोत्सव में पहली बार पूरे आयोजन में अतिथियों और समुदाय को कांच की बोतलों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया गया।

23 से 28 दिसंबर तक चले इस महोत्सव में देशभर से आए 150 से अधिक स्टॉलों ने कला, शिल्प और स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस बड़े जनसमूह वाले आयोजन में ‘नीर अमृत’ की पहल विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इस पहल के तहत प्रतिदिन औसतन दो हजार से अधिक कांच की बोतलों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे न केवल प्लास्टिक प्रदूषण में कमी आई, बल्कि आगंतुकों को कम लागत पर क्षारीय पानी भी उपलब्ध हुआ।

इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आमजन के दैनिक खर्च में भी राहत प्रदान की। महोत्सव के आयोजकों ने इस मॉडल को भविष्य के लिए एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है, जो न केवल सतत विकास के लक्ष्य को साकार करता है, बल्कि बड़े जनसमूह वाले आयोजनों में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने में भी सहायक है।

राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव में ‘नीर अमृत’ की यह पहल पर्यावरण और समाज दोनों के लिए एक लाभकारी मॉडल के रूप में याद की जाएगी, और आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजनों में स्थायी और सतत उपायों को अपनाने की प्रेरणा देगी।

Pratahkal Bureau

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