चित्तौड़गढ़। यूजीसी बिल के विरोध में भी सवर्ण समाज मुखर हो गया है, जिसके चलते सवर्ण समाज द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयो में यूजीसी बिल लागू किया गया है।


बिल के विवादित प्रावधान

  • यूजीसी बिल के तहत एसटी, एएसी ओबीसी का कोई भी छात्र-छात्रा, सामान्य वर्ग के छात्र-छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज करवा सकता है।
  • इसमें कोई जांच नहीं होगी और सामान्य वर्ग के छात्र-छात्रा को विश्वविद्यालय से निष्कासित करने और जेल भेजने का प्रावधान है।
  • यूजीसी बिल की चयन समिति में सिर्फ एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधियों को ही शामिल करने का प्रावधान है और इसमें सामान्य वर्ग के किसी प्रतिनिधि को शामिल करने का प्रावधान नहीं है।
  • एससी, एसटी ओबीसी वर्ग के छात्र छात्रा द्वारा की गई शिकायत झूठी पाए जाने पर भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

वक्ताओं द्वारा भविष्य की चिंता और पीड़ा

यूजीसी बिल के प्रावधानों को लेकर सभी वक्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त कर यूजीसी बिल का मुखर विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि:

"केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालय में लागू किए गए यूजीसी बिल का दुरुपयोग कर सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ पक्षपात पूर्ण तरीके से मुकदमे दर्ज होगे और उनका भविष्य खराब होगा। इस कानून के तहत सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई होगी।"

राजनीतिक नाराजगी और चेतावनी

वक्ताओं ने कहा कि सामान्य वर्ग हमेशा से भाजपा के साथ रहा है लेकिन भाजपानीत केंद्र सरकार ने ही सामान्य वर्ग के साथ इस तरह का कुठाराघात किया है। आगामी दिनों में बदलाव नहीं करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

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