चित्तौड़गढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की किल्लत किसानों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। भूपालसागर कस्बे में यूरिया खाद की भारी कमी ने किसानों को बड़ी मुश्किलों में डाल दिया है। निजी खाद एवं बीज वितरक की दुकान पर जैसे ही यूरिया खाद की सप्लाई की सूचना मिली, किसान सुबह-सुबह ही कतार में लग गए।

दुकान पर उपलब्ध केवल 500 यूरिया बैग थे, जबकि खाद लेने के लिए आए किसानों की संख्या लगभग 1500 थी। इस विशाल भीड़ ने स्थिति को "ऊंट के मुँह में जीरे" जैसा बना दिया। किसानों में खाद सुरक्षित रूप से प्राप्त करने की जल्दबाजी और चिंता स्पष्ट रूप से नजर आ रही थी।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। पर्याप्त पुलिस जाप्ता न होने के कारण थानाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गए। अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई के लिए भूपालसागर तालाब से नहरें खोल दी गई हैं और खेतों में सिंचाई शुरू हो चुकी है, जिससे यूरिया खाद की मांग तेजी से बढ़ गई है।

किसानों की यह चिंता और भी गंभीर हो गई है क्योंकि खाद की कमी के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होने का जोखिम बन गया है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता जताई है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि कृषि उपज और किसानों की बुनियादी जरूरतों को समय पर उपलब्ध कराना किस तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक है।

Pratahkal Bureau

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