बेगूं में गूंजा 'तैयार रहो' का नारा: पांच दिवसीय स्काउट गाइड शिविर में निखर रहा है 106 विद्यार्थियों का भविष्य
राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड द्वारा बेगूं में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में 106 विद्यार्थियों ने लिया भाग। गोपाल कृष्ण शर्मा और शिवराज गोस्वामी के नेतृत्व में बच्चों ने सीखा अनुशासन, योग और स्वावलंबन का पाठ। राज्यपाल पुरस्कार की तैयारी हेतु आयोजित इस शिविर में गांठों, कंपास और प्राथमिक चिकित्सा का दिया गया विशेष प्रशिक्षण।

बेगूं। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड के तत्वाधान में स्थानीय मुख्यालय नवीन बेगूं के प्रांगण में अनुशासन, सेवा और स्वावलंबन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां 16 जनवरी 2026 से आयोजित पांच दिवसीय द्वितीय एवं तृतीय सोपान प्रशिक्षण आवासीय शिविर ने समूचे क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है। इस शिविर में 11 विभिन्न विद्यालयों के 106 स्काउट व गाइड अपने कौशल को धार दे रहे हैं, जो न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
शिविर संचालक श्री गोपाल कृष्ण शर्मा के कुशल निर्देशन में प्रशिक्षार्थी सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही योग, व्यायाम और सूर्य नमस्कार के माध्यम से शारीरिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। बी.पी. सिक्स व्यायाम और 'अपना कार्य अपने हाथ' के सिद्धांत ने बच्चों को आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया है। प्रशिक्षण के दौरान ध्वज शिष्टाचार, खोज चिन्ह और कंपास के बारीकियों को समझकर ये नन्हे प्रहरी भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं।
स्थानीय संघ सचिव श्री शिवराज गोस्वामी ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्काउटिंग की गतिविधियाँ वर्तमान जीवन प्रणाली में बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। इस आवासीय शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ बच्चे स्वयं खाना बनाने, परोसने और अपने बिस्तर व कपड़ों की देखभाल करने जैसी व्यावहारिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अनुशासन का यह स्तर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की ओर अग्रसर कर रहा है। उल्लेखनीय है कि यहाँ से द्वितीय एवं तृतीय सोपान का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्काउट और गाइड ही आगामी 'राज्यपाल पुरस्कार' शिविर में अपने ब्लॉक का गौरव बढ़ाएंगे।
प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम जुटी हुई है। सहायक शिविर संचालक श्री हजारीलाल रेगर द्वारा गांठों और खोज चिन्हों का गहन अभ्यास कराया जा रहा है, वहीं कोषाध्यक्ष श्री मनोज कुमार बोहरा ने कंपास के माध्यम से दिशा ज्ञान की बारीकियां सिखाईं। श्री मुकेश कुमार धाकड़ ने स्काउट गाइड गणवेश की गरिमा और अनुमान लगाने की कला पर प्रकाश डाला। प्राथमिक चिकित्सा और दैनिक जीवन की उपयोगी जानकारियों का जिम्मा श्री शिवराज गोस्वामी ने संभाला, जबकि गाइडर श्रीमती संतोष कुमावत ने टोली नायक की भूमिका और 'ड्यूटी चेंज' की प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
पूरी तरह आवासीय होने के कारण यह शिविर एक लघु समाज का रूप ले चुका है, जहाँ प्रत्येक कार्य स्काउट और गाइड अपने बुद्धिबल और आपसी समन्वय से पूर्ण कर रहे हैं। अनुशासन, स्वावलंबन और सेवा की यह लौ इन बच्चों के चरित्र में हमेशा के लिए प्रज्वलित हो गई है, जो उन्हें समाज में एक विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

Pratahkal Bureau
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