चित्तौड़गढ़ में पांच दिवसीय द्वितीय ई-कंटेंट कार्यशाला का सफल समापन, शिक्षकों ने तैयार किए नवाचारपूर्ण डिजिटल शिक्षण संसाधन
चित्तौड़गढ़ में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय द्वितीय ई-कंटेंट कार्यशाला 8 से 12 दिसंबर तक सम्पन्न हुई। चयनित शिक्षकों ने कक्षा 3 के हिंदी विषय पर आधारित वीडियो, ऑडियो और इंटरैक्टिव सामग्री विकसित की, जिससे विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया और प्रभावी एवं रोचक बनेगी।

चित्तौड़गढ़। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति को और मजबूती देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय द्वितीय ई-कंटेंट निर्माण कार्यशाला 8 से 12 दिसंबर तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ संस्थापन अधिकारी राकेश सुखवाल ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रभागाध्यक्ष नीलम प्रजापति ने अपने संबोधन में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व और ई-कंटेंट निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षण में आकर्षक और प्रभावी डिजिटल सामग्री की भूमिका अनिवार्य होती जा रही है।
कार्यशाला के दौरान चयनित शिक्षकों ने कक्षा 3 के हिंदी विषय के विभिन्न अध्यायों पर आधारित वीडियो लेसन, ऑडियो नैरेशन, गतिविधि-आधारित प्रस्तुतियाँ और इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री तैयार की। इन संसाधनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाना है। डिजिटल दक्ष शिक्षक अभिषेक चौधरी ने शिक्षकों को कंटेंट प्लानिंग, स्क्रिप्ट लेखन, रिकॉर्डिंग तकनीक, एडिटिंग और कॉपीराइट-फ्री संसाधनों के उपयोग के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक योगदान दिया और उच्च गुणवत्ता वाले ई-कंटेंट का विकास किया। अंतिम सत्र में प्राचार्य राकेश कुमार पारिक ने निर्मित ई-कंटेंट की समीक्षा की और अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया में नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं, साथ ही विद्यार्थियों के लिए नवीन और रोचक सीखने के अवसर सुनिश्चित करती हैं।
कार्यशाला में सत्यनारायण वैष्णव, लविशा गर्ग, महेश कुमार शर्मा, जसवंत सिंह यादव, गणेश दास साधु, रामलाल शर्मा, राजेन्द्र सिंह चारण, जगदीश वैष्णव, संध्या चारण, विजय राम चौधरी, धर्मराज जाट, गौरव पांचल, कृतिका चौमाल, शिव लाल अहीर, पवन कुमार स्वर्णकार, कृष्णा कच्छावा, मुकुल शर्मा, रोहित खोईवाल और अनिल काबरा सहित कई अन्य चयनित शिक्षकों ने भाग लिया।
इस कार्यशाला का समापन यह संदेश देता है कि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों का निर्माण न केवल शिक्षकों की दक्षता बढ़ाता है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को और अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाता है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
