निम्बाहेडा जेल में गूंजा 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का मंत्र: कड़ाके की ठंड में कैदियों को मिला भारत विकास परिषद का संबल
निम्बाहेडा उपकारागृह में मकर संक्रांति के अवसर पर भारत विकास परिषद द्वारा मानवता की अनूठी सेवा की गई। जेलर जय नारायण मीना और सुरक्षा स्टाफ के सम्मान के साथ 25 कैदियों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए स्वेटर वितरित किए गए। 'नर सेवा नारायण सेवा' के भाव से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने शिरकत कर सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।

निम्बाहेडा। मकर संक्रांति के पावन और पुण्यदायी पर्व पर जब पूरा देश दान-पुण्य की परंपरा में लीन था, तब निम्बाहेडा में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की गई। भारत विकास परिषद, निम्बाहेडा के तत्वावधान में नगर के उपकारागृह (जेल) में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान "नर सेवा ही नारायण सेवा" के संकल्प को चरितार्थ किया गया। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए परिषद ने जेल के बंदियों की सुध ली और उन्हें ऊष्मीय राहत प्रदान करने के उद्देश्य से स्वेटर वितरित किए। यह आयोजन केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज के उस वर्ग के प्रति संवेदनशीलता दर्शाने का प्रयास था जो चारदीवारी के पीछे सुधार की राह देख रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति के अनुरूप अतिथि सत्कार के साथ हुआ। परिषद के सदस्यों ने जेल प्रहरी (जेलर) श्रीमान जय नारायण मीना का शाॅल ओढ़ाकर भव्य अभिनंदन किया। इसके साथ ही, कानून व्यवस्था और जेल की सुरक्षा में मुस्तैद आर.ए.सी. जाब्ता इंचार्ज गिरधारी सिंह सहित स्टाफ के कर्मठ सदस्यों राधारमण यादव, राजेंद्र गुर्जर, बनवारी लाल महावर, ममता ताखर, अरूणा कुमावत और मैना चौधरी का उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस दौरान एक संक्षिप्त लेकिन वैचारिक चर्चा भी हुई, जिसमें वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है और सुधार गृहों में रह रहे व्यक्तियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण रखना समाज का नैतिक दायित्व है।
इस पुनीत कार्य में परिषद के अध्यक्ष मांगीलाल मेनारिया, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार मुंदड़ा और जिला समन्वयक दिलीप कुमार सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ सदस्य श्री शिवलाल भराड़िया, श्री जगदीश अग्रवाल, विश्वनाथ काष्ट, कुंज बिहारी अग्रवाल, अरविंद खंडेलवाल, नाथुलाल कदमालिया एवं अन्य गणमान्य सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इन सभी की उपस्थिति में उपकारागृह के 25 कैदियों को भीषण सर्दी से बचाव हेतु उच्च गुणवत्ता के स्वेटर प्रदान किए गए। स्वेटर पाकर बंदियों के चेहरों पर सुकून और कृतज्ञता के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।
उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद और मुंदड़ा परिवार का सेवा पथ केवल जेल तक ही सीमित नहीं है। इससे पूर्व भी मुंदड़ा परिवार द्वारा परिषद के सानिध्य में विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में जरूरतमंद विद्यार्थियों को 130 स्वेटर्स का वितरण किया जा चुका है। मकर संक्रांति के इस विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल ठंड से राहत पहुंचाई, बल्कि समाज में यह संदेश भी प्रसारित किया कि उत्सव की सार्थकता अभावग्रस्तों की सहायता और अंत्योदय की भावना में ही निहित है।

