निंबाहेड़ा के पिपलिया गदिया में गूँजी भक्ति की स्वरलहरियां: राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति के जयघोष से सराबोर हुई भागवत कथा
निंबाहेड़ा के पिपलिया गदिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन साध्वी जयमाला दीदी ने राष्ट्रभक्ति और नारी सम्मान का अलख जगाया। जेके सीमेंट के अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस भव्य आयोजन में बताया गया कि राष्ट्रभक्ति के बिना रामभक्ति अधूरी है। पूरी खबर में जानें कैसे अध्यात्म के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा रही है।

निंबाहेड़ा। भक्ति, शक्ति और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत संगम इन दिनों तहसील निंबाहेड़ा के ग्राम पिपलिया गदिया में देखने को मिल रहा है। समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। श्री राम मारुति धाम आश्रम, रेवास देवड़ा (मंदसौर) से पधारीं प्रखर वक्ता साध्वी जयमाला दीदी वैष्णव ने अपनी ओजस्वी वाणी से न केवल कथा के गूढ़ प्रसंगों की व्याख्या की, बल्कि वर्तमान समाज के लिए राष्ट्रभक्ति और नारी सम्मान का एक सशक्त संदेश भी प्रतिपादित किया। कथा की शुरुआत होते ही समूचा वातावरण 'जय श्री कृष्ण' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
साध्वी जयमाला दीदी ने छठे दिन की कथा का सूत्रपात करते हुए अध्यात्म को राष्ट्रवाद से जोड़कर एक नई दिशा दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित नहीं है, वह कभी सच्चा रामभक्त नहीं हो सकता। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का जीवंत वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार माता ने स्वयं अपने पुत्र को मातृभूमि की रक्षा हेतु कर्मभूमि की ओर प्रस्थान करने की प्रेरणा दी थी। यह प्रसंग आज के परिवेश में हर माता-पिता के लिए एक सीख है कि वे अपनी संतानों को धर्म, धैर्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वरीय अवतार का मूल उद्देश्य ही अधर्म का विनाश कर धर्म की स्थापना और धैर्यवानों की रक्षा करना होता है।
कथा के दौरान नारी गरिमा पर चर्चा करते हुए साध्वी जी ने समाज की चेतना को झकझोरने का प्रयास किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंगों की व्याख्या करते हुए बताया कि प्रभु का विवाह कोई सांसारिक बंधन नहीं, बल्कि जगत के लिए एक आदर्श की स्थापना थी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सदैव नारी शक्ति का मान बढ़ाया है, और शास्त्रों का उद्घोष भी यही है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, तत्र रमन्ते देवताः” अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। समाज को आज प्रत्येक माता और बहन के प्रति सम्मान का भाव जाग्रत करने की महती आवश्यकता है।
इस पावन अवसर पर विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। जेके सीमेंट के सीएसआर अधिकारी ऑपरेशनल हेड राकेश शर्मा, माइंस हेड सुधीर नागोरी और सीएसआर प्रतिनिधि राहुल जी ने विशेष रूप से शिरकत की। अतिथियों ने व्यास पीठ का पूजन कर साध्वी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसके पश्चात आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का उपराना पहनाकर भावभीना अभिनंदन किया गया। ग्रामवासियों ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमियों से आगामी शेष दिनों की कथा में सपरिवार सम्मिलित होकर इस पुण्यमयी गंगा में डुबकी लगाने की भावपूर्ण अपील की है। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को जगाने का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
