चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर गूँजी बाल विवाह मुक्ति की हुंकार, यात्रियों ने ली कुप्रथा मिटाने की शपथ
चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान के तहत यात्रियों को जागरूक कर शपथ दिलाई गई। जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग और रेलवे पुलिस के इस संयुक्त प्रयास में बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया और हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से इस कुप्रथा को जड़ से मिटाने का आह्वान किया गया। नवीन किशोर काकड़दा और सुभाष शर्मा सहित पूरी टीम ने मासूमों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प लिया।

चित्तौड़गढ़। बचपन की दहलीज पर बंदिशों की बेड़ियां डालने वाली बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के समूल विनाश के लिए चित्तौड़गढ़ में एक निर्णायक मुहिम छिड़ गई है। जिला कलेक्टर के कुशल निर्देशन में संचालित 'बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान' के तहत आज चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन एक वैचारिक क्रांति का केंद्र बना। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल के मार्गदर्शन में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और रेलवे पुलिस बल (RPF) ने संयुक्त रूप से यात्रियों को इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें इस लड़ाई में सहभागी बनने के लिए प्रेरित भी किया।
स्टेशन के प्लेटफार्मों और प्रतीक्षालयों में जब टीम पहुंची, तो माहौल पूरी तरह जागरूकता के रंग में रंग गया। यात्रियों को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि बाल विवाह मात्र एक परंपरा नहीं, बल्कि मासूमों के भविष्य पर किया जाने वाला प्रहार है। यह न केवल कानून की नजर में गंभीर अपराध है, बल्कि एक बच्चे के शारीरिक विकास को अवरुद्ध करने के साथ-साथ उसे मानसिक और सामाजिक रूप से भी पंगु बना देता है। अभियान के दौरान वहां मौजूद यात्रियों को एक स्वर में बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई, जिससे पूरा परिसर संकल्प की शक्ति से गूँज उठा।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने यात्रियों को सतर्क करते हुए आह्वान किया कि समाज के सजग प्रहरी बनें और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल टोल-फ्री नंबर 1098 पर सूचित करें। प्रशासन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि बिना किसी डर के लोग इस नेक काम के लिए आगे आ सकें। कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।
इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में चाइल्ड हेल्पलाइन से नवीन किशोर काकड़दा, करण जीनवाल, नानूराम जाट और सीमा राजोरा ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, रेलवे पुलिस बल की ओर से सहायक उप निरीक्षक सुभाष शर्मा और हेड कांस्टेबल यादराम मीणा सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैद रहे। इस अभियान ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से ही बचपन को सुरक्षित किया जा सकता है।

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