चित्तौड़गढ़। जनसमस्याओं के समाधान में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के संकल्प के साथ चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिला कलक्टर आलोक रंजन के सख्त निर्देशों की अनुपालना में मंगलवार को जिला परिषद सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त कलक्टर प्रभा गौतम ने की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान सरकार के 'संपर्क पोर्टल' पर लंबित पड़े प्रकरण रहे, जिन्हें लेकर प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक की शुरुआत करते हुए अतिरिक्त कलक्टर प्रभा गौतम ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का केवल निस्तारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वह निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिवादी के लिए संतोषजनक होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं और फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे न केवल फाइलों का पेट भरें, बल्कि फील्ड में जाकर प्रकरणों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन भी करें।

प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अतिरिक्त कलक्टर ने उन प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने को कहा जहाँ निस्तारण के बाद भी परिवादी 'असंतुष्ट' श्रेणी में हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की प्राथमिकता के आधार पर पुन: जांच की जाए और जो प्रकरण 'अस्वीकृत' कर दिए गए हैं, उनकी भी समीक्षा कर परिवादियों से सीधा संवाद स्थापित किया जाए। प्रशासन का ध्येय केवल कागजी कार्रवाई पूरा करना नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं का जड़ से समाधान करना है। संपर्क पोर्टल की विभागवार समीक्षा के दौरान 30 दिवस से अधिक समय से लंबित मामलों को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई और उन्हें अविलंब निपटाने के आदेश दिए गए।

बैठक में आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 'जनता जल योजना' और 'चंबल परियोजना' के माध्यम से जिले में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत विभाग को बजट घोषणाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने और जिले में बिजली की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्माण कार्यों की समयसीमा और चिकित्सा विभाग को अस्पतालों में दवाओं एवं जांचों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने डीएमएफटी के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति जांची और समयबद्धता पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जो प्रशासन के इस सुधारात्मक रुख के साक्षी बने।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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