डूंगला। लंबे समय से अतिक्रमण के बोझ तले दबे डूंगला क्षेत्र में शुक्रवार से शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। ग्रामीणों और व्यवसायियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वयं अपने अतिक्रमण ध्वस्त किए, जबकि प्रशासनिक दस्ते ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर थी क्योंकि पिछले 60 वर्षों से कब्जे में रहे अतिक्रमण हटने के बाद न केवल सड़क चौड़ी होगी बल्कि जाम और जलभराव जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। प्रशासन ने नालों के अवरुद्ध हिस्सों को भी खोलते हुए बरसात के दौरान पानी जमा होने की समस्या को दूर करने का काम किया। अतिक्रमण हटाते समय अवैध रूप से लगाए गए पेड़ भी प्रशासन द्वारा हटाए गए।

मौके पर डूंगला के प्रशासकपति लाल सिंह मीणा और ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे। शाम को उपखंड अधिकारी ईश्वर लाल खटीक, तहसीलदार गुणवंत माली और नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी ने भी निरीक्षण किया। विशेष रूप से, नाले पर बने दुकान-मकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर कब्जा संबंधी दस्तावेज 24 दिसंबर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण कैलाश चंद्र ने बताया कि अतिक्रमण हटने से डूंगला प्रधानमंत्री के 2047 विजन के अनुरूप व्यवस्थित और व्यवधान मुक्त शहर बन जाएगा। सड़कें खुली होंगी, वाहन चालक और खरीदारों को राहत मिलेगी, और नगर का सौंदर्य एवं सुविधाएं बढ़ेंगी। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी और स्थानीय नागरिक पंकज जोशी द्वारा कोर्ट में दायर पिटीशन के बाद इसे अमलीजामा पहनाया गया।

डूंगला में अतिक्रमण हटाने की यह मुहिम केवल सड़क और नालों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से अतिक्रमण से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए राहत और सुव्यवस्था का संदेश भी है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story