चित्तौड़गढ़ में गूंजा बाल विवाह मुक्त भारत का शंखनाद: गणतंत्र दिवस पर रेलवे स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब, तिरंगे के साये में ली गई सामाजिक बदलाव की शपथ
चित्तौड़गढ़ में गणतंत्र दिवस पर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान के तहत रेलवे स्टेशन पर भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला प्रशासन, रेलवे और पुलिस विभागों ने संयुक्त रूप से यात्रियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का संकल्प लिया। जानिए कैसे चित्तौड़गढ़ बना बाल अधिकार जागरूकता का केंद्र।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की वीर धरा चित्तौड़गढ़ ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एक ऐसी अलख जगाई है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। 'बाल विवाह मुक्त भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों ने एकजुट होकर रेलवे स्टेशन को एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बना दिया। जिला कलक्टर आलोक रंजन के कुशल निर्देशन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल देशभक्ति का संचार किया, बल्कि समाज की जड़ों में बैठी बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से उखाड़ने का कड़ा संदेश भी दिया।
गणतंत्र दिवस की सुबह जब पूरा देश तिरंगे के गौरव में डूबा था, तब चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर एक विशेष 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया। इस यात्रा में बाल अधिकारिता विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, और बाल कल्याण समिति के साथ-साथ रेलवे प्रशासन, शिक्षा विभाग, जी.आर.पी., आर.पी.एफ. और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। तिरंगा यात्रा जब पूरे प्लेटफार्म पर निकली, तो वहां मौजूद हर यात्री की नजरें इस अभिनव पहल पर टिकी रह गईं। देशभक्ति के नारों के बीच रेलवे ट्रैक पर खड़ी ट्रेन के सामने जब सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का वाचन हुआ, तो पूरा वातावरण राष्ट्रभावना और एकता के स्वर से ओतप्रोत हो गया। सावधान की मुद्रा में खड़े सैकड़ों लोगों ने यह प्रमाणित किया कि देश की मजबूती के लिए सामाजिक बुराइयों का अंत अनिवार्य है।
कार्यक्रम के मुख्य पड़ाव पर बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल ने उपस्थित यात्रियों और रेल कर्मचारियों को बाल विवाह निषेध की शपथ दिलाई। उन्होंने बहुत ही मार्मिक और तार्किक ढंग से बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे यह कुप्रथा बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करती है। इस दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल, सदस्य सीमा भारती गोस्वामी और नीता देसाई ने भी सामाजिक जागरूकता पर बल दिया। रेलवे स्टेशन प्रबंधक छुटन लाल मीणा, जी.आर.पी. पुलिस निरीक्षक अनिल देवल, आर.पी.एफ. पुलिस निरीक्षक विक्रम सिंह सहित सी पी साहू, राजेश सेठिया, हेमेन्द्र टोंग्या, कुलदीप बजाज, स्वदेश दायमा, अल्बर्ट फील्ड, बद्री काबरा और शैलेन्द्र ओझा जैसे प्रबुद्ध जनों ने अपनी उपस्थिति से इस मुहिम को मजबूती प्रदान की।
शिक्षा विभाग की ओर से लोकश सोनी, नवीन काकड़दा, करण जीनवाल, राहुल सिंह, नानूराम जाट, सीमा राजौरा और कुश पारिक सहित विभिन्न अधिकारियों ने भी इस जागरूकता अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण था कि जब प्रशासन और समाज साथ मिलकर खड़े होते हैं, तो बदलाव निश्चित है। चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से उठी यह शपथ अब ट्रेनों के माध्यम से देश के कोने-कोने तक बाल विवाह के विरुद्ध एक सशक्त संदेश बनकर पहुंचेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और शिक्षित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी।

