चित्तौड़गढ़। फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ओर से जौहर को लेकर दिए गए बयान के बाद चित्तौड़गढ़ में हिंदू सर्व समाज में भारी आक्रोश है। स्वरा भास्कर ने एक कार्यक्रम के दौरान जौहर करने वाली महारानी पद्मिनी और हजारों वीरांगनाओं के जौहर को कायराना हरकत बताया। उनके इस बयान के बाद चित्तौड़गढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में हिंदू सर्व समाज में नाराजगी व्याप्त है। समाज की ओर से इसे अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए जौहर करने वाली महारानी पद्मिनी एवं अन्य सर्व समाज की महिलाओं का अपमान माना जा रहा है।

स्वरा भास्कर के बयान को लेकर जौहर स्मृति संस्थान एवं राजपूत समाज में भी आक्रोश है। इसी के तहत जौहर स्मृति संस्थान के पदाधिकारियों और राजपूत समाज के लोगों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वरा भास्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन के दौरान संस्थान अध्यक्ष नारायण सिंह बडोली, उपाध्यक्ष भंवर सिंह, महिला उपाध्यक्ष निर्मला कंवर राठौड़, महामंत्री भंवर सिंह, संयुक्त मंत्री आदित्य सिंह, कोषाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, भूपाल शिक्षा समिति अध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, सहदेव सिंह, राजकंवर खेडिया, देवेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह सोलंकी, फतेह सिंह, ललित सिंह भाटी, गोपाल वेद, प्रहलाद सिंह, भूपेन्द्र सिंह, चमनसिंह भाटी, जयपालसिंह, विरेन्द्रपालसिह आदि मौजूद रहे।

संस्थान अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि यह किसी एक समाज या जाति का जौहर नहीं था। महारानी पद्मिनी व रानी फूल कंवर के साथ 16 हजार नारियों ने जौहर किया था। इनमें सिर्फ राजपूत समाज की महिलाएं नहीं थीं, बल्कि रानी पद्मिनी के साथ छतीस कौम की महिलाएं थीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सर्व समाज एवं सनातनी धर्म को मानने वाले जो लोग हैं, उनके पूर्वज एवं माताएं-बहनें थीं, जिन्होंने जौहर किया।

नारायण सिंह ने कहा कि स्वरा भास्कर पब्लिसिटी पाने के लिए इस तरह का बयान दे रही हैं। उनको यही पता नहीं है कि सनातन धर्म और संस्कृति क्या है। किस तरह का जौहर हुआ और जौहर के पीछे क्या कहानी हुई, उनको यह पता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस समय जौहर हुआ था, उस समय सारी सेनाएं लड़ने के लिए गई थीं और सभी शहीद हो गए थे। ऐसी स्थिति में दुर्ग पर महिलाएं मुगलों से अपनी संस्कृति, स्वाभिमान और अपनी रक्षा की खातिर खुशी-खुशी अग्नि में प्रवेश कर बलिदानी हो गईं।

उन्होंने कहा कि महारानी पद्मिनी एक महान नारी थीं और हमारे लिए वह पूजनीय और देवी समान हैं। जौहर करने वाली वीरांगनाओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

महिला उपाध्यक्ष निर्मला कंवर ने कहा कि स्वरा भास्कर को जौहर के बारे में पता ही नहीं कि यह क्षत्राणियों और स्वाभिमानी महिलाओं के लिए था। युद्ध से भी बड़ा जौहर होता था। जौहर अंतिम विकल्प होता था, अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए। महारानी पद्मिनी ने जौहर इसलिए किया था कि उनकी लाश भी आक्रांताओं को ना मिले।

निर्मला कंवर ने कहा कि हम अपने पूर्वजों को लेकर गौरवान्वित महसूस करते हैं। सरकार, प्रशासन और पुलिस को इस मामले में तुरंत एक्शन लेना चाहिए। स्वरा भास्कर के बयान के बाद सौंपे गए ज्ञापन और कार्रवाई की मांग से यह मामला चित्तौड़गढ़ में हिंदू सर्व समाज एवं जौहर स्मृति संस्थान के बीच प्रमुख मुद्दा बन गया है।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

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शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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