जाड़ावत ने जगद्गुरु शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद, गौ-वंश संरक्षण पर हुई चर्चा
पूर्व राज्यमंत्री ने कोटा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट कर गहलोत सरकार के गौ-सेवा निर्णयों की जानकारी दी और चित्तौड़गढ़ आने का न्योता दिया।

ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के धर्मपुरा, कोटा प्रवास के दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने उनके दर्शन कर पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। रामकरण गुंजल के निवास स्थान पर आयोजित इस गरिमामय भेंट के दौरान रमेशनाथ योगी और गेहरूगिरी गोस्वामी की भी विशिष्ट उपस्थिति रही। इस मुलाकात में धार्मिक और सामाजिक सरोकारों, विशेषकर गौ-वंश संरक्षण पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
जाड़ावत ने इस अवसर पर शंकराचार्य को उन मीडिया कवरेज की प्रतिलिपियां भेंट कीं, जो माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में चित्तौड़गढ़ कांग्रेस द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ किए गए प्रदर्शनों से संबंधित थीं। सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के इन सेवाभावी प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य ने उन्हें माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। महाराज श्री ने समाज के प्रत्येक वर्ग से गौ-हत्या रोकने के महती मिशन से जुड़ने और गौवंश को बचाने का आह्वान किया।
वार्ता के क्रम में जाड़ावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण हेतु लिए गए ऐतिहासिक और नीतिगत निर्णयों की विस्तृत जानकारी महाराज श्री के सम्मुख रखी। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सरकार ने प्रत्येक गौशाला निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और 10 बीघा भूमि आवंटन के महत्वपूर्ण आदेश जारी किए थे। अंत में, जाड़ावत ने महाराज श्री को चित्तौड़गढ़ आगमन का भावपूर्ण निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सप्रेम स्वीकार किया। यह भेंट क्षेत्र में धार्मिक चेतना और गौ-सेवा के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी मानी जा रही है।a

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
