सूरजपुरा में माँ शारदे की प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा और कवि सम्मेलन
सूरजपुरा विद्यालय परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन और धार्मिक कार्यक्रम में देशभर के कवियों ने भाग लिया

भूपालसागर (चित्तौड़गढ़) — उपखण्ड क्षेत्र के सूरजपुरा चौराया स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में शनिवार को भक्ति और साहित्य का अनुपम संगम देखने को मिला। माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देशभर के विख्यात कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महोत्सव का शुभारंभ दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर पंडितों के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विधिवत हुआ। पूर्व प्रधानाध्यापिका वीणा देवी चौधरी एवं स्नेहलता चाष्टा के सौजन्य से माँ सरस्वती की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। विद्यालय परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
कवि सम्मेलन का आगाज रात्रि 8 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उदयपुर की कवियत्री एकता जैन ने सरस्वती वंदना “माँ शारदे तु मुझे ऐसा वरदान दे” प्रस्तुत कर काव्य संध्या की शुरुआत की। मंच का संचालन उदयपुर के प्रसिद्ध कवि राव अजात शत्रु ने किया। उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य और राष्ट्रवाद पर अपनी पंक्तियाँ प्रस्तुत करते हुए कहा कि महाराणा के शौर्य को देखकर अकबर भी डर जाता था।
झालावाड़ से आए परमानन्द दाधीच ने “राह ना दिखा सके...” जैसी पंक्तियों से श्रोताओं में जोश भरा। कोटा के भूपेन्द्र राठौड़ ने “ऑपरेशन तंदूर...” जैसी रचनाओं से राष्ट्रभक्ति का जज्बा जगाया। जयपुर के गजेन्द्र कविया, प्रहलाद चांडक, सुनील व्यास (कांकरोली) और दिनेश बन्टी (शाहपुरा) ने हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुति से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। चांडक के कटाक्ष और बन्टी के ठहाकों ने महफिल में उत्साह भर दिया।
भोपाल के गीतकार धर्मेंद्र सोलंकी ने पारिवारिक मूल्यों पर भावुक प्रस्तुति देते हुए “साड़ी के धागों में माता-पिता की सीख समेटे हुए है...” पढ़ा। एकता जैन ने जौहर की गौरवगाथा सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर किया। कवि शंकर सुखवाल ने भी अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक बद्री लाल जाट तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता निवर्तमान प्रधान और भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह राणावत ने की। अतिथियों ने माँ सरस्वती के चरणों में नमन करते हुए आयोजन को शिक्षा और संस्कार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आयोजन को सफल बनाने में एसएमसी अध्यक्ष कालुराम जाट, प्रधानाध्यापक शंकर लाल सुखवाल और समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। सूरजपुरा सहित आस-पास के गांवों से सैंकड़ों काव्य प्रेमियों ने पांडाल में डटे रहकर कवियों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों और भामाशाहों के सहयोग से माँ शारदे की प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा में सभी ने प्रसादी ग्रहण की।
प्रधानाध्यापक सुखवाल ने बताया कि सांसद चन्द्र प्रकाश जोशी ने विद्यालय में तीन कमरे एवं एक डोम बनाने की घोषणा मोबाइल पर की। सुरजपुरा से एसएमसी अध्यक्ष कालुराम जाट, कालुराम राणां, शंकर जाट, प्रहलाद वैष्णव, गिरधारी जाट, नारायण जाट, राधेश्याम जाट, भेरू सिंह रावत, गोपाल जाट, किशन जाट, अनोपपुरा से रमेश जाट, मालीखेड़ा से शौभा लाल कीर, ढाणी से भैरू लाल गुर्जर, सेजकरीया से मुकेश जाट सहित भामाशाहों ने अपने योगदान से आयोजन को चार चांद लगाए।
कवि सम्मेलन में बही रसधारा से विधायक सहित जनप्रतिनिधि काफी समय तक उपस्थित रहे और काव्य पाठ का आनंद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्तौड़गढ़ आगमन के कारण जनप्रतिनिधियों को जल्दी जाना पड़ा, फिर भी कवि सम्मेलन का उत्सव जारी रहा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
